Site icon Dainik Savera Times

चीनी फुडान विश्वविद्यालय के अंतर्राष्ट्रीय संबंध अनुसंधान प्रतिष्ठान के वाइस डीन प्रोफेसर लिन मिनवांग के साथ साक्षात्कार

चीन-दक्षिण एशिया एक्सपो 19 से 24 जून तक चीन के युन्नान प्रांत के खुनमिंग शहर में आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान, हमारे रिपोर्टर को चीन के फुडान विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय संबंध अनुसंधान प्रतिष्ठान के वाइस डीन प्रोफेसर लिन मिनवांग का साक्षात्कार करने का मौका मिला।

चीन-भारत आर्थिक और व्यापारिक संबंधों के विस्तार में चीन-दक्षिण एशिया एक्सपो की सकारात्मक भूमिका की चर्चा में प्रोफेसर लिन मिनवांग ने कहा कि मुझे लगता है कि यह सकारात्मक प्रभाव बहुत स्पष्ट है, जिसे हाल के वर्षों में इस एक्सपो में भारतीय व्यापारियों की भागीदारी से देखा जा सकता है। वास्तव में, भारतीय बूथों की संख्या बढ़ती जा रही है। इससे पता चलता है कि भारतीय व्यापारियों को चीनी बाजार पर भरोसा है और वे चीनी बाजार के विकास में रुचि रखते हैं। दूसरी ओर, मुझे लगता है कि इस एक्सपो के मंच के माध्यम से भारतीय उद्यम और आर्थिक जगत चीन की जरूरतों, आम चीनी लोगों की जरूरतों और चीनी समाज की उपभोग जरूरतों को समझ सकते हैं।

चीन-भारत संबंधों की वर्तमान स्थिति और भविष्य के विकास की दिशा के बारे में प्रोफेसर लिन ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में, हम कह सकते हैं कि चीन-भारत संबंध समग्र रूप से आदर्श स्थिति से कम रहे हैं। हालांकि, पिछले वर्ष अक्टूबर में दोनों देशों के नेताओं के बीच बैठक के बाद से हम वास्तव में देख सकते हैं कि चीन-भारत संबंधों में काफी सुधार हुआ है। कुल मिलाकर, चीन-भारत संबंध धीमी गति से सुधार की राह पर हैं, लेकिन अभी भी एक लंबा रास्ता तय करना है।

(साभार-चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

Exit mobile version