चीन में विकास की रफ्तार को सतत बनाए रखने के लिए कोशिशें जारी हैं। बताया जाता है कि चीन इस साल उपभोग को बढ़ावा देने पर ध्यान दे रहा है। साथ ही चीन में देश के भीतर घरेलू मांग को बढ़ाने की आवश्यकता जताई गयी है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में निवेश में इजाफा किए जाने पर ज़ोर है। जाहिर है कि चीन में विकास की गुणवत्ता एक अहम विषय है, जिस पर सरकारी एजेंसियों का ध्यान केंद्रित हुआ है।
जैसा कि हम जानते हैं कि उपभोग और निवेश अतुलनीय नहीं, बल्कि घरेलू मांग के पूरक चालक हैं। ऐसे में विशेषज्ञ कहते हैं कि बढ़ती बाहरी अनिश्चितताओं के बीच चीनी अर्थव्यवस्था की क्षमता को बेहतर ढंग से अनलॉक करने के लिए उन्हें एक साथ मजबूत करना महत्वपूर्ण है।
ध्यान रहे कि चीन में राष्ट्रीय विकास रणनीतियों और लोगों की जरूरतों पर ध्यान केंद्रित करते हुए साल 2025 की सरकारी कार्य रिपोर्ट में इस पर जोर दिया गया है। रिपोर्ट से पता चलता है कि सभी प्रकार के सरकारी निवेश साधनों का लाभ उठाने, राजकोषीय और वित्तीय नीतियों के बीच अधिक तालमेल बनाने, परियोजना भंडार का विस्तार करने और उत्पादन कारकों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए चीन प्रतिबद्ध है।
इस दिशा में चीन की 14 वीं पंचवर्षीय योजना ने भी बड़ी भूमिका निभायी। जो कि वर्ष 2021 से 2025 तक के बीच चली। कहा गया है कि सरकारें कई प्रमुख परियोजनाओं पर प्रगति में तेजी लाएंगी और 14वीं पंचवर्षीय योजना के तहत शुरू की गई सभी प्रमुख परियोजनाओं को पूरा करने में सफल होंगी। हाल में जारी रिपोर्ट के अनुसार, यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाएंगे कि परियोजनाओं का चयन ठीक से हो और निधियों का प्रबंधन और कुशलतापूर्वक इस्तेमाल हो। ताकि चल रही परियोजनाओं के लिए धन सुनिश्चित किया जा सके तथा अप्रभावी निवेश को रोका जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक कल्याण में निवेश में वृद्धि देश की आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण समाधान के रूप में उभर सकती है, क्योंकि अपर्याप्त प्रभावी मांग की चुनौती बनी हुई है। चाइनीज एकेडमी ऑफ सोशल साइंसेज में इंस्टीट्यूट ऑफ वर्ल्ड इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिक्स के उप निदेशक चांग बिन कहते हैं कि चीन ने पिछले दशकों में बिजली, गैस, रेलवे, राजमार्ग, हवाई अड्डों और बंदरगाहों जैसे बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण निवेश और प्रगति हासिल की है। इसे अन्य क्षेत्रों में भी अपनाया जा सकता है।
चीन द्वारा किए जा रहे प्रयासों से पता चलता है कि लगातार विकास की गुणवत्ता को बनाए रखने के साथ-साथ सामाजिक कल्याण में निवेश में बढ़ोतरी पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। चीन ने पिछले कुछ दशकों में आधारभूत ढांचे में भारी निवेश किया। इसके परिणामस्वरूप देश में विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ी। चीन इस तरह विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने में कामयाब रहा।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)
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