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‘अमेरिका-इजराइल ने हमारी परमाणु साइट पर हमला किया’, ईरान का बड़ा आरोप

Iran accuses US-Israel of attacking our nuclear site

Iran accuses US-Israel of attacking our nuclear site

वियना (ऑस्ट्रिया): ईरान ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि उसके प्रमुख परमाणु केंद्र नतांज़ न्यूक्लियर फैसिलिटी पर अमेरिका और इज़राइल ने संयुक्त सैन्य कार्रवाई के तहत हमला किया। यह दावा ईरान की ओर से अंतरराष्ट्रीय मंच पर आधिकारिक तौर पर किया गया।

IAEA की बैठक में उठाया गया मुद्दा
यह मामला संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था International Atomic Energy Agency (IAEA) के 35 देशों के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक में उठाया गया। IAEA में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि रेज़ा नजफ़ी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “उन्होंने कल फिर से ईरान की शांतिपूर्ण और सुरक्षित परमाणु सुविधा पर हमला किया।” जब उनसे पूछा गया कि कौन-सी साइट को निशाना बनाया गया, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से “नतांज़” का नाम लिया।

क्षेत्रीय तनाव का बढ़ता माहौल
यह आरोप ऐसे समय में सामने आया है जब क्षेत्र में पहले से तनाव बना हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के ऑपरेशन एपिक फ्यूरी और इज़राइल के ऑपरेशन रोरिंग लायन के बाद हालात और बिगड़े। कुछ दावों के अनुसार, इन कार्रवाइयों के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या हुई थी, हालांकि इस पर आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय पुष्टि नहीं है। जवाब में, ईरान ने पश्चिम एशिया के कई देशों में अमेरिका और इज़राइल से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाकर जवाबी हमले किए।

IAEA प्रमुख की चेतावनी
IAEA के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रॉसी ने बैठक में कहा कि क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी परमाणु सुविधा को गंभीर नुकसान पहुंचता है, तो रेडियोधर्मी रिसाव (Radiological Release) की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसी स्थिति में बड़े इलाकों यहां तक कि शहरों को खाली कराना पड़ सकता है। हालांकि ग्रॉसी ने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक किसी भी परमाणु संयंत्र को नुकसान पहुंचने के संकेत नहीं मिले हैं। ईरान की सीमा से लगे देशों में रेडिएशन स्तर सामान्य है। क्षेत्रीय निगरानी नेटवर्क को अलर्ट पर रखा गया है।

किन-किन परमाणु केंद्रों पर नजर
ग्रॉसी ने बताया कि फिलहाल इन संस्थानों को कोई नुकसान नहीं हुआ है, बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट, तेहरान रिसर्च रिएक्टर अन्य परमाणु ईंधन चक्र (Fuel Cycle) सुविधाएं उन्होंने कहा कि IAEA, ईरान के परमाणु नियामक प्राधिकरण से संपर्क करने की कोशिश कर रही है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।

क्षेत्र के अन्य देशों की स्थिति
ग्रॉसी ने बताया कि जिन देशों पर सैन्य हमले हुए हैं, उनमें कई ऐसे हैं जहां परमाणु रिएक्टर या शोध रिएक्टर काम कर रहे हैं, जैसे, संयुक्त अरब अमीरात – यहां चार ऑपरेशनल परमाणु रिएक्टर हैं। जॉर्डन और सीरिया – यहां रिसर्च रिएक्टर हैं। बहरीन, इराक, कुवैत, ओमान, कतर और सऊदी अरब – इन देशों में भी विभिन्न प्रकार के परमाणु उपयोग होते हैं। उन्होंने सभी पक्षों से सैन्य कार्रवाई में संयम बरतने की अपील की।

कूटनीतिक कोशिशें जारी
ग्रॉसी ने बताया कि उन्हें आगे की बातचीत के लिए जिनेवा बुलाया गया है। उन्होंने कहा, “कूटनीति मुश्किल जरूर है, लेकिन नामुमकिन नहीं। परमाणु कूटनीति और भी कठिन है, लेकिन यह भी संभव है।”

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