इंटरनेशनल डेस्क : ईरान और इजरायल के बीच लंबे समय से चल रहे टकराव को रोकने के लिए हाल ही में दोनों देशों के बीच एक सीजफायर यानी युद्धविराम लागू किया गया। यह फैसला इसलिए लिया गया ताकि लगातार हो रहे हमलों और आम लोगों की जान-माल के नुकसान को रोका जा सके। हालांकि यह शांति बहुत कम समय के लिए ही टिक पाई। सीजफायर लागू होने के कुछ ही घंटों बाद इजरायल ने दावा किया कि ईरान की तरफ से एक बार फिर मिसाइल हमले शुरू हो गए हैं। वहीं इजरायल के रक्षा मंत्री काट्ज ने अपने सेना को आदेश दिया है कि वह ईरान द्वारा इजरायल के साथ संघर्ष विराम का उल्लंघन किए जाने पर मजबूती से जवाब दे। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
सीजफायर के बाद दागी गई मिसाइलें
आपको बता दें कि इजरायली सेना ने बताया कि जैसे ही सीजफायर लागू हुआ, करीब ढाई घंटे के भीतर उन्होंने ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों को डिटेक्ट कर लिया। इसके बाद उत्तरी इजरायल में सायरन बजने लगे और आसमान में धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, जो इस बात का संकेत थीं कि इजरायली वायुसेना अपनी सुरक्षा प्रणाली के जरिए उन मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने की कोशिश कर रही थी।
मिसाइलों ने इजरायल में भारी तबाही मचाई
मामला सिर्फ इतना ही नहीं था। सीजफायर लागू होने से कुछ ही घंटे पहले ईरान ने इजरायल पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। इन मिसाइलों ने इजरायल के बेर्शेबा शहर में भारी तबाही मचाई। रिपोर्टों के अनुसार वहां की तीन घनी आबादी वाली रिहायशी इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। स्थानीय बचाव एजेंसियों ने मलबे से कम से कम पांच शव बरामद किए हैं, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं। इस हमले में करीब 20 लोग घायल भी हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
“हमने अपने लक्ष्य हासिल कर लिए”
हालांकि शुरू में इजरायल सरकार की तरफ से सीजफायर को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई थी, लेकिन बाद में खुद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि इजरायल ने इस सैन्य अभियान में अपने सभी मुख्य उद्देश्य पूरे कर लिए हैं। नेतन्याहू के अनुसार, इजरायली सेना ने तेहरान के आकाश क्षेत्र में भी अपनी वायु शक्ति का प्रभुत्व स्थापित कर लिया है और ईरान की सेना और शासन को बड़ा झटका दिया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान के कई अहम सैन्य ठिकानों को सफलतापूर्वक खत्म कर दिया गया है।
‘टेस्टिंग सीजफायर‘ की नीति पर चल रहा इजरायल
इजरायली मीडिया ने बताया कि नेतन्याहू की सरकार फिलहाल इस युद्धविराम को ‘टेस्टिंग फेज’ यानी परीक्षण के रूप में देख रही है। इजरायल ने फिलहाल अपने सभी सैन्य अभियानों को रोक दिया है, लेकिन वह यह देखना चाहता है कि ईरान इस सीजफायर का कितना पालन करता है और उसे कितना गंभीरता से लेता है। अगर ईरान इस युद्धविराम को पूरी तरह मानता है, तभी इजरायल भविष्य में किसी स्थायी शांति की घोषणा करने पर विचार करेगा। यह सीजफायर फिलहाल स्थानीय समयानुसार शाम 7 बजे तक प्रभावी माना जा रहा है।
हालात अभी भी नाजुक
हालांकि सीजफायर की पहल एक सकारात्मक कदम मानी जा सकती है, लेकिन मिसाइल हमलों के चलते यह साफ हो गया है कि दोनों देशों के बीच का तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ईरान और इजरायल की इस जंग का असर सिर्फ इन दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर पूरे पश्चिम एशिया और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है। जब तक दोनों पक्ष भरोसे के साथ बातचीत नहीं करते, तब तक ऐसे संघर्षों का दोबारा भड़कना तय माना जा सकता है।
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