Last Updated: November 5, 2026

Dainik Savera Times Logo

ईरान का बड़ा दावा- अमेरिकी युद्धपोत ‘अब्राहम लिंकन’ पर दागी क्रूज मिसाइलें; तनाव और बढ़ा

March 25, 2026

ईरान का बड़ा दावा- अमेरिकी युद्धपोत ‘अब्राहम लिंकन’ पर दागी क्रूज मिसाइलें; तनाव और बढ़ा

इंटरनेशनल डेस्क: पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच ईरान ने बड़ा दावा किया है। ईरान की नौसेना के मुताबिक उसने अमेरिका के शक्तिशाली युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन को मिसाइलों से निशाना बनाया है। इस खबर के सामने आने के बाद क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव और बढ़ गया है।

यह भी पढ़ें-
13 साल के दर्द से मिली मुक्ति: हरीश राणा को नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई, ग्रीन पार्क में हुआ अंतिम संस्कार
IMD Update: NCR में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, इस तारीख को तेज बारिश और तूफान की संभावना

क्रूज मिसाइलों से युद्धपोत पर हमला किया: ईरान 

ईरान का कहना है कि उसने अपने तटीय (कोस्टल) क्रूज मिसाइलों से समुद्र में तैनात इस युद्धपोत पर हमला किया। ईरानी सेना के अनुसार, यह कार्रवाई युद्ध के 26वें दिन की गई। उनका कहना है कि वे पहले से ही इस जहाज पर नजर रखे हुए थे और जैसे ही यह उनकी मिसाइलों की रेंज में आया, उस पर हमला कर दिया गया। हालांकि, इस पूरे मामले पर अमेरिका की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या पुष्टि सामने नहीं आई है।

ऐसे में ईरान के इस दावे की सच्चाई को लेकर सवाल बने हुए हैं। ईरान ने यह भी कहा है कि वह अमेरिका की हर गतिविधि पर नजर रख रहा है और जरूरत पड़ने पर आगे भी जवाबी कार्रवाई करता रहेगा। इस बीच, पाकिस्तान ने अमेरिका के युद्धविराम (सीजफायर) प्रस्ताव को ईरान तक पहुंचाया, लेकिन ईरान ने साफ कर दिया है कि वह फिलहाल किसी भी तरह की बातचीत के मूड में नहीं है।

क्या सच में हमला हुआ?

ईरान का दावा है कि हमला सफल रहा, लेकिन अमेरिका ने इसकी पुष्टि नहीं की है। इसलिए यह साफ नहीं है कि वास्तव में युद्धपोत को नुकसान पहुंचा या नहीं। फिर भी, दोनों देशों के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियां यह दिखाती हैं कि हालात काफी गंभीर हैं।

क्या है ‘अब्राहम लिंकन’ युद्धपोत की खासियत?

यूएसएस अब्राहम लिंकन अमेरिका की नौसेना का एक बेहद ताकतवर विमानवाहक युद्धपोत (एयरक्राफ्ट कैरियर) है। यह दुनिया के सबसे शक्तिशाली सैन्य जहाजों में गिना जाता है। यह निमिट्ज क्लास का एयरक्राफ्ट कैरियर है। यह परमाणु ऊर्जा से चलता है, इसलिए इसे बार-बार ईंधन भरने की जरूरत नहीं होती। इसमें 90 से ज्यादा लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर तैनात किए जा सकते हैं। यह आकार में इतना बड़ा है कि इसमें लगभग 5000 से ज्यादा लोग रह सकते हैं।

यह कैसे काम करता है?

यह युद्धपोत समुद्र में चलते हुए ही लड़ाकू विमानों को उड़ान भरने और उतरने की सुविधा देता है। इसमें F/A-18 जैसे फाइटर जेट, हेलीकॉप्टर और निगरानी विमान तैनात रहते हैं। युद्ध के समय यह हमला करने, निगरानी रखने और सुरक्षा देने जैसे कई काम एक साथ करता है। कुल मिलाकर, ईरान के इस दावे और अमेरिका की चुप्पी के बीच स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है और आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें