नेशनल डेस्क: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। संयुक्त राज्य अमेरिका (अमेरिका) के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दावा किया है कि ईरान पर लगातार बड़े हमले किए जा रहे हैं और आज का हमला अब तक का सबसे बड़ा हो सकता है।
7,000 से ज्यादा ठिकानों पर सटीक हमला
हेगसेथ के अनुसार, अब तक ईरान के 7,000 से ज्यादा ठिकानों पर सटीक तरीके से हमला किया गया है। उन्होंने कहा कि ये हमले बिना किसी बढ़ा-चढ़ाकर किए गए हैं और पूरी ताकत के साथ अंजाम दिए गए हैं। उनका कहना है कि अमेरिका की सैन्य ताकत लगातार बढ़ रही है, जबकि ईरान कमजोर होता जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि ईरान की एयर डिफेंस सिस्टम (वायु रक्षा) काफी कमजोर हो चुका है। मिसाइल और ड्रोन बनाने वाली फैक्ट्रियां और रक्षा उद्योग को भारी नुकसान पहुंचा है। अमेरिका ने सैकड़ों रक्षा ठिकानों को निशाना बनाया है, जिससे नई बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की ईरान की क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई है। उनके मुताबिक, अमेरिकी बलों पर होने वाले बैलिस्टिक मिसाइल हमले अब 90% तक कम हो गए हैं
नौसेना को भी भारी नुकसान पहुंचा
हेगसेथ ने कहा कि ईरान की नौसेना को भी बड़ा नुकसान हुआ है। 120 से ज्यादा जहाज या तो नष्ट कर दिए गए हैं या डुबो दिए गए हैं। इसके अलावा, ईरान की पनडुब्बियां भी लगभग खत्म हो चुकी हैं, जो पहले करीब 11 थीं। उनके सैन्य बंदरगाहों को भी निशाना बनाया गया है।
युद्ध कब खत्म होगा, फैसला करेंगे डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने साफ कहा कि यह युद्ध कब खत्म होगा, इसका फैसला केवल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही करेंगे। उन्होंने कहा कि फिलहाल कोई तय समयसीमा नहीं है। जब अमेरिका अपना मिशन पूरा कर लेगा, तब राष्ट्रपति ही आगे का निर्णय लेंगे।
शहीद सैनिकों के परिवारों से मुलाकात
हेगसेथ ने यह भी बताया कि उन्होंने युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों के परिवारों से मुलाकात की। परिवारों ने सरकार से अपील की कि इस लड़ाई को अधूरा न छोड़ा जाए और मिशन पूरा किया जाए। इस पर उन्होंने भरोसा दिलाया कि अमेरिका इस संघर्ष को अंत तक ले जाएगा और सैनिकों की कुर्बानी का सम्मान करेगा।
ईरान की तुलना हमास से
हेगसेथ ने ईरान की तुलना हमास से करते हुए कहा कि जैसे हमास ने सुरंगों, रॉकेट और ड्रोन पर पैसा खर्च किया, वैसे ही ईरान ने भी किया है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना इन सभी ठिकानों को पूरी ताकत से निशाना बना रही है, जैसा दुनिया की कोई दूसरी सेना नहीं कर सकती। कुल मिलाकर, अमेरिका का रुख साफ है कि वह ईरान के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज करने की तैयारी में है, जिससे आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।

