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Iran ने Nobel विजेता सहित मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिया  

October 7, 2023

Iran ने Nobel विजेता सहित मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिया  
संयुक्त राष्ट्रः ईरान में मानवाधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र जांचकर्ता ने शुक्रवार को कहा कि तेहरान प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई कर रहा है और उसने शांति के लिए नोबेल पुरस्कार जीतने वाली र्निगस मोहम्मदी सहित अन्य मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखा है। जांचकर्ता जावेद रहमान की ओर से शुक्रवार को जारी एक रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ईरान में बड़ी संख्या में ‘‘मृत्युदंड’’ की सजा दी जा रही है। रिपोर्ट में अक्टूबर 2022 से जुलाई तक के आंकड़ों को शामिल किया गया है। यह रिपोर्ट शुक्रवार को मोहम्मदी को शांति के लिए नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा से पहले ही तैयार कर ली गई थी। मोहम्मदी फिलहाल तेहरान की इविन जेल में हैं और वह लंबे समय से महिला अधिकारों की पैरोकार रही हैं।
लंदन में ब्रुनेल विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून के प्रोफेसर रहमान ने महासभा को दी रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया कि वकीलों और मानवाधिकार रक्षकों के साथ ही मोहम्मदी को भी जेल में बंद किया गया है। रहमान पाकिस्तान से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने 2022 में कुíदश समुदाय से ताल्लुक रखने वाली महासा अमीनी को ‘हिजाब’ न पहनने के लिए गिरफ्तार किए जाने और हिरासत में उसकी मौत होने के बाद देश भर में बड़े पैमाने पर हुए विरोध-प्रदर्शनों को समाप्त कराने के वास्ते ‘‘बल प्रयोग’’ करने के ईरानी प्रशासन के फैसले की कड़े शब्दों में आलोचना की थी।
रहमान ने कहा था कि जुलाई के अंत में 68 बच्चों और 48 महिलाओं सहित कम से कम 537 लोगों की प्रदर्शनों के दौरान मौत हो चुकी है। सैंकड़ों लोग घायल हुए हैं, जबकि हजारों लोगों को कथित तौर पर गिरफ्तार किया गया है, या हिरासत में लिया गया है या फिर जेल में बंद किया गया है। रहमान ने निराशा व्यक्त की कि ईरान ने अमीनी की मौत और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अवैध बल प्रयोग से जुड़े मामलों की स्वतंत्र एवं पारदर्शी तरीके से जांच नहीं की हैं।
उन्होंने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला खामनेई, देश की सरकार, न्यायपालिक और संसद अमीनी की मौत की पूरी जिम्मेदरी ले तथा मामले में तत्काल कार्रवाई करें। रहमान ने कहा, कि ‘मानवाधिकारों की पैरोकार र्निगास मोहम्मदी 16 वर्ष की जेल की सजा काट रही हैं।’’ उन्होंने बताया कि जुलाई के अंत तक ईरान में 21 पत्रकार जेल में बंद थे। इनमें नीलोफर हमीदी और इलाहे मोहम्मदी भी शामिल हैं, जिन्होंने अमीनी की मौत के बारे में जानकारी दी थी।

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