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ईरान ने अपने 3 नागरिकों को दी सजा-ए-मौत, इजरायल से जंग रुकने के बाद इस वजह से लिया फैसला

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इंटरनेशनल डेस्क : इजरायल के साथ जंग रुकने के बाद अब ईरान ने अपने गद्दारों को सबक सिखाना शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि इजरायल और ईरान के बीच लगातार 12 दिन तक जंग चली। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर का ऐलान किया था। अब ईरान ने युद्ध के दौरान इजरायल के लिए जासूसी करने वालों की पहचान तेज कर दी है। बुधवार को अपने 3 नागरिकों को भी ईरान ने सजा-ए-मौत दी है।

उधर, अमेरिका में डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी (DIA) की रिपोर्ट को लेकर बवाल मचा हुआ है। यह रिपोर्ट हाल ही में सार्वजनिक हुई है। रिपोर्ट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे को खारिज किया गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी बॉम्बर्स के हमले में ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से तबाह हो चुका है।

वहीं, CNN पर जारी रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से तबाह नहीं हुआ है। यह कुछ महीने के लिए पीछे गया है। वक्त बीतने के साथ ईरान फिर से अपना परमाणु हथियार बनाने की दिशा में काम करने लगेगा।

ट्रंप बोले- फर्जी रिपोर्ट पेश की गई

व्हाइट हाउस और अमेरिकी राष्ट्रपति रिपोर्ट को लेकर अपना तीखा विरोध जाहिर कर चुके हैं। सोशल मीडिया हैंडल ट्रूथ पर जारी पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि परमाणु ठिकानों पर हमलों को लेकर फर्जी और भ्रामक रिपोर्ट पेश की गई है। इस रिपोर्ट का उद्देश्य यही है कि हम ईरान के ऊपर दोबारा अटैक करें।

तबाह हो चुके हैं ठिकाने

ट्रंप ने सीएनएन को फर्जी समाचार देने वाला बताया। उन्होंने लिखा कि सीएनएन ने असफल न्यूयॉर्क टाइम्स के साथ मिलकर उस सैन्य हमले को नीचा दिखाने का प्रयास किया है, जो इतिहास के सबसे सफल सैन्य हमलों में से एक रहा है। ईरान के एटमी ठिकाने पूरी तरह तबाह हो चुके हैं। वहीं, टाइम्स और सीएनएन को जनता की आलोचनाओं और विरोध का सामना करना पड़ेगा।

व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया आई सामने

मामले में व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि फर्जी रिपोर्ट के आधार पर कथित आकलन को लीक करना राष्ट्रपति ट्रंप को नीचा दिखाने का प्रयास है। इसके अलावा बेहतरीन मिशन को अंजाम देने वाले बहादुर लड़ाकू पायलटों का भी कहीं न कहीं अपमान किया जा रहा है।

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