इंटरनेशनल डेस्क: दुबई में स्थित दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी Saudi Aramco (अरामको) के ऑयल टैंक पर ईरान की ओर से हमला किया गया है। इस घटना के बाद पूरी दुनिया के तेल बाजार में हलचल मच गई है। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको ने ड्रोन हमलों के बाद सोमवार को अपनी Ras Tanura Refinery को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया। रिपोर्ट में बताया गया है कि हमले के बाद रिफाइनरी के प्रोसेसिंग कॉम्प्लेक्स में आग लग गई थी। हालांकि अधिकारियों ने कहा कि आग पर काबू पा लिया गया है और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
तेल की कीमतों में भारी उछाल
रिफाइनरी बंद होने की खबर फैलते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल तेज हो गई। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में करीब 9.32% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह बढ़ोतरी पिछले चार सालों में सबसे बड़ी मानी जा रही है।
सऊदी की सबसे अहम एनर्जी साइट
रास तनुरा सऊदी अरब की सबसे बड़ी और सबसे रणनीतिक (स्ट्रेटेजिक) ऊर्जा साइट्स में से एक है। यहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल की प्रोसेसिंग और निर्यात होता है। हमले के बाद पूरे इलाके में जरूरी ऊर्जा ढांचे (एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर) की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
BREAKING : सऊदी में दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी Aramco पर ईरान ने किया ड्रोन अटैक#IranWar pic.twitter.com/BHZFnRxAHs
— Narendra Modi Fan (@narendramodi177) March 2, 2026
सऊदी रक्षा मंत्रालय का आया बयान
सऊदी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने Al Arabiya टीवी चैनल से बातचीत में कहा “इस हमले में कोई आम नागरिक घायल नहीं हुआ है। अरामको के रास तनुरा में आए दो ड्रोन को रोक दिया गया।” अधिकारियों का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापार प्रभावित
ईरान और अन्य देशों के बीच बढ़ते युद्ध के कारण Strait of Hormuz के जरिए होने वाला व्यापार लगभग रुक गया है। यह जलमार्ग बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है। हालांकि ईरान ने आधिकारिक रूप से इस रास्ते को बंद करने की घोषणा नहीं की है, लेकिन लड़ाई के माहौल के कारण जहाज़ मालिकों ने खुद ही अपने जहाजों की आवाजाही रोक दी है।
अमेरिका और इज़रायल की कार्रवाई
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इज़रायल ने शनिवार को ईरान के कई ठिकानों पर मिसाइल हमले किए और स्थानीय लोगों से इस्लामिक शासन को हटाने की अपील की। इसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया।
खामेनेई की मौत के बाद हालात और बिगड़े
ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की मौत के बाद स्थिति और ज्यादा गंभीर हो गई। तेहरान ने इज़रायल के साथ-साथ सऊदी अरब, कतर, यूनाइटेड अरब अमीरात, कुवैत और बहरीन जैसे देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले तेज कर दिए।
ग्लोबल ऑयल मार्केट के लिए खतरनाक दौर
ईरान और अन्य देशों के बीच बढ़ता यह युद्ध वैश्विक तेल बाजार के लिए एक खतरनाक स्थिति पैदा कर रहा है। तेल की सप्लाई प्रभावित होने से आने वाले समय में कीमतें और बढ़ सकती हैं, जिसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

