Iran nuclear program : इज़राइल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने हाल ही में कहा है कि पिछले महीने अमेरिका द्वारा किए गए हमलों के बावजूद ईरान का परमाणु कार्यक्रम सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि ईरान अभी भी यूरेनियम को संवर्धित करने की अपनी क्षमता को बनाए रख सकता है। इसका मतलब यह है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में सक्षम है। अमेरिका की बंकर बस्टर बम बनाने वाली कंपनी ने भी इस हमले की प्रभावशीलता की समीक्षा कर रहे है। वे यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या बंकर बस्टर बम अपने लक्ष्यों तक पहुँच सके या नहीं।
बता दें कि इज़राइली अधिकारी द्वारा किया गया ये दावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से किए दावे के बिलकुल उल्ट है। अपने दावे में ट्रम्प ने कहा था कि अमेरिका द्वारा बंकर बस्टर बम से किए हमले में ईरान के परमाणु ठिकाने पूरी तरह तबाह हो गए है। ईरान को अब यूरेनियम संवर्धन की पूर्ण क्षमता हासिल करने में सालों का समय लगेगा।
ईरान के परमाणु ठिकाने पूरी तरह नहीं हुए तबाह!
अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने एक नई रिपोर्ट में बताया है कि हाल के हमलों ने नतांज,फोर्डो और इस्फहान जैसे परमाणु स्थानों को नुकसान पंहुचा है, लेकिन ये पूरी तरह से ध्वस्त नहीं हुए हैं। एक वरिष्ठ इज़राइली अधिकारी ने यह भी कहा है कि यह माना जा रहा है कि ईरान का अधिकांश यूरेनियम इस्फ़हान में गहराई से दबाया गया है। हालांकि इस अधिकारी ने अपना नाम न छापने की शर्त पर ये जानकारी साझा की। फिलहाल अभी तक ये जानकारी किसी भी माध्यम से साझा नहीं की गई है।
अधिकारी ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी हमले से पूर्व किसी भी परमाणु केंद्र से संवर्धित यूरेनियम हटाया नहीं गया था। हालांकि कहा गया था की ईरान ने हमले से पहले ही परमाणु भंडार कही और स्थानांतरित कर दिए थे। इज़राइली अधिकारी ने यह भी कहा कि ईरानी परमाणु केंद्र इस्फहान में फिर से यूरेनियम को संवर्धित किया जा सकता है, परन्तु इसके लिए ईरान को अधिक और कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी।
परमाणु ठिकाने बुरी तरह तबाह हुए: ईरानी राष्ट्रपति
एक साक्षात्कार में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि अमेरिकी हवाई हमलों में देश के परमाणु केंद्रों को बुरी तरह नुक्सान पहुंचाया है। ईरानी अधिकारी अभी भी इस नुकसान का जायजा लेने की कोशिश करने में लगे है।
ईरान फिर से कर सकता है यूरेनियम संवर्धन : UN
अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने हाल ही में कहा था कि ईरान के तीन मुख्य स्थलों, जहां यूरेनियम का संवर्धन किया जाता था, काफी हद तक नष्ट हो चुके हैं। हालांकि, ग्रॉसी ने यह भी उल्लेख किया कि ईरान के पास अभी भी कुछ क्षमताएं बची हुई हैं। इसका मतलब यह है कि अगर ईरान चाहे, तो वह इन नष्ट स्थलों पर फिर से काम शुरू कर सकता है।

