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ईरान ने अमेरिका के सामने रखा प्रस्ताव, संघर्ष रोकने और Strait of Hormuz को दोबारा खोलने की कही बात

Iran-us conflict

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इंटरनेशनल डेस्क: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव को खत्म करने की दिशा में एक नई कोशिश सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने अमेरिका के सामने एक प्रस्ताव रखा है, जिसमें उसने संघर्ष रोकने और Strait of Hormuz को दोबारा खोलने की बात कही है।

बताया जा रहा है कि ईरान ने यह प्रस्ताव सीधे अमेरिका को नहीं भेजा, बल्कि इसके लिए पाकिस्तान के जरिए संदेश पहुंचाया गया। एक रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारी और इस मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी गई है। इस कदम को क्षेत्र में तनाव कम करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

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परमाणु बातचीत पर फिलहाल रोक का सुझाव

ईरान के इस प्रस्ताव की एक अहम बात यह है कि उसने परमाणु मुद्दों पर चल रही बातचीत को अभी के लिए टालने की बात कही है। फिलहाल उसका ध्यान तुरंत युद्धविराम और समुद्री रास्ते को खोलने पर है। Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल की सप्लाई होती है। ऐसे में इसे खोलने का प्रस्ताव वैश्विक स्तर पर भी राहत दे सकता है।

ईरानी नेतृत्व में मतभेद

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के अंदर ही परमाणु मुद्दों को लेकर नेताओं के बीच मतभेद हैं। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संकेत दिया है कि यूरेनियम संवर्धन की सीमा और उसके भंडार को खत्म करने जैसे मुद्दों पर एक राय नहीं बन पाई है। इसी वजह से ईरान फिलहाल परमाणु फैसलों को टालते हुए आर्थिक राहत और तनाव कम करने पर ध्यान देना चाहता है।

अमेरिका की बढ़ी चिंता 

ईरान के इस प्रस्ताव ने अमेरिका में नई चिंता पैदा कर दी है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि अगर जल्दबाजी में प्रतिबंध हटा दिए गए, तो ईरान पर दबाव कम हो जाएगा और वह परमाणु शर्तों का पालन करने से बच सकता है। अमेरिका चाहता है कि ईरान लंबे समय तक यूरेनियम संवर्धन पर रोक लगाए, ताकि परमाणु कार्यक्रम को लेकर खतरा कम किया जा सके।

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कई देश कर रहे मध्यस्थता

इस पूरे मामले में सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि मिस्र, तुर्की और कतर भी मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के जरिए ही यह प्रस्ताव व्हाइट हाउस तक पहुंचाया गया। अब सबकी नजर अमेरिका के अगले कदम पर है। उम्मीद की जा रही है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही अपनी सुरक्षा टीम के साथ बैठक करेंगे, जिसमें इस प्रस्ताव और आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।

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