Iran Protest: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने ईरानी अधिकारियों के साथ होने वाली सभी बैठकों को रद्द कर दिया है, ईरान से जुड़े कारोबार पर नए टैरिफ लागू कर दिए हैं और ईरान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों से आंदोलन जारी रखने की अपील की है। ट्रंप का कहना है कि यह फैसला ईरान में प्रदर्शनकारियों पर हो रही हिंसा के कारण लिया गया है।
ट्रंप ने अपने एक भाषण में कहा, “जब तक प्रदर्शनकारियों की बेमतलब हत्याएं बंद नहीं होतीं, मैंने ईरानी अधिकारियों के साथ सभी बैठकें रद्द कर दी हैं।” उन्होंने कहा कि ईरान में जो हो रहा है, वह अस्वीकार्य है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाब देना होगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘ईरानी देशभक्तों’ को संबोधित करते हुए उनसे आंदोलन जारी रखने को कहा।
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प्रदर्शन जारी रखने की अपील
उन्होंने कहा, “सभी ईरानी देशभक्तों से मेरी अपील है कि प्रदर्शन करते रहिए। अगर संभव हो तो अपनी संस्थाओं पर नियंत्रण हासिल कीजिए।” ट्रंप ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि दोषियों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। ईरान में मौतों के आंकड़ों पर ट्रंप ने कहा कि अलग-अलग रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं। मुझे पांच तरह के आंकड़े सुनने को मिल रहे हैं, लेकिन एक मौत भी बहुत ज्यादा है। जवाबदेही तय होगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
ईरान के साथ कारोबार करने वालों पर लगाए टैरिफ
आर्थिक मोर्चे पर ट्रंप ने बताया कि ईरान पर नया दबाव तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। उन्होंने कहा, “आपने देखा कि मैंने ईरान के साथ कारोबार करने वाले हर व्यक्ति और देश पर टैरिफ लगा दिए हैं। यह आज से लागू हो गया है।” ट्रंप ने टैरिफ को अपनी विदेश नीति का मुख्य हथियार बताया और कहा कि इसका मकसद ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करना है।
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मेक ईरान ग्रेट अगेन का दिया नारा
ट्रंप ने ‘मेक ईरान ग्रेट अगेन’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए ईरान के मौजूदा नेतृत्व की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ईरान एक महान देश है, लेकिन मौजूदा शासकों ने उसे नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि बाहरी दबाव से ईरान में बदलाव आएगा और कहा, “मैं बस इतना कहता हूं कि मदद रास्ते में है।” ट्रंप ने टैरिफ को लंबी सैन्य कार्रवाई का बेहतर विकल्प बताया। उनके मुताबिक, व्यापारिक दबाव से पहले भी कई मामलों में नतीजे मिले हैं।
कूटनीति से ज्यादा असरदार टैरिफ
उन्होंने ईरान को अन्य विदेशी नीति कार्रवाइयों के साथ जोड़ते हुए परमाणु ठिकानों पर हमलों और आतंकी नेताओं के खिलाफ अभियानों का जिक्र किया। ट्रंप ने यह भी कहा कि जो देश अमेरिका की व्यापार और सुरक्षा संबंधी मांगों का विरोध करते हैं, उन पर भी टैरिफ लगाए जाते हैं। ट्रंप के अनुसार, टैरिफ कूटनीति से ज्यादा असरदार दबाव बनाते हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी हैं।
दशकों से औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं
गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच दशकों से औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं। ईरान का परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय प्रभाव और मानवाधिकार रिकॉर्ड लंबे समय से तनाव की वजह रहे हैं। अमेरिका पहले भी प्रतिबंधों, टैरिफ और द्वितीयक प्रतिबंधों के जरिए ईरान पर दबाव बनाता रहा है ताकि सीधे सैन्य टकराव से बचते हुए अपनी रणनीतिक पकड़ मजबूत रखी जा सके।
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