इंटरनेशनल डेस्कः मिडिल ईस्ट में संघर्ष एक बार फिर तेज हो गया है। एक तरफ ईरानी सुप्रीम लीडर ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है, वहीं दूसरी ओर IRGC ने अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है। ईरानी मीडिया ने सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के नाम से एक संदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि जारी संघर्ष के दौरान ईरान ने अमेरिका और इजरायल को जमीन, समुद्र और हवा तीनों मोर्चों से मिसाइलों और ड्रोन के जरिए निशाना बनाया। यह जानकारी ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट में सामने आई है।
अमेरिका को चेतावनी
हज यात्रा के मौके पर जारी इस संदेश में खामेनेई ने क्षेत्रीय देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि अब वे अमेरिकी सेना की मौजूदगी के लिए ढाल का काम नहीं करेंगे। बयान में कहा गया कि अब अमेरिका को इस क्षेत्र में अपने सैन्य अड्डे स्थापित करने के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं मिलेगी। संदेश में मिडिल ईस्ट के देशों की एकजुटता पर भी जोर दिया गया। इसमें कहा गया कि क्षेत्रीय देशों के रणनीतिक हित और क्षमताएं आपस में जुड़ी हुई हैं और यही एकजुटता क्षेत्र व दुनिया में नई व्यवस्था स्थापित करने में मददगार साबित होगी।
‘अमेरिका और इजरायल का नाश हो’
बयान में ‘अमेरिका का नाश हो’ और ‘इजरायल का नाश हो’ जैसे नारों का भी उल्लेख किया गया। इसमें कहा गया कि ये नारे पूरी इस्लामी दुनिया, खासकर युवाओं के बीच, एकजुटता का प्रतीक बन चुके हैं। यह संदेश ऐसे समय में सामने आया है जब युद्ध शुरू होने के बाद से मोजतबा खामेनेई की कोई तस्वीर या ऑडियो सार्वजनिक नहीं हुई है। ऐसे में इसे ईरान की रणनीतिक स्थिति मजबूत करने और क्षेत्रीय सहयोगियों को एकजुट करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
IRGC का MQ-9 रीपर ड्रोन गिराने का दावा
उधर, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया। IRGC के मुताबिक, ड्रोन के ईरानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश करते ही उसे दुश्मन का विमान मानकर निशाना बनाया गया। IRGC ने कहा कि अमेरिका की ओर से किसी भी युद्धविराम उल्लंघन का जवाब देना उसका अधिकार है। यह दावा ऐसे समय में आया है, जब कुछ घंटे पहले ही अमेरिकी सेना ने ईरानी रॉकेट लॉन्च साइट्स पर ‘रक्षात्मक कार्रवाई’ करने की घोषणा की थी।

