इंटरनेशनल डेस्क: मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और हालात पहले से ज्यादा गंभीर होते दिख रहे हैं। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर बना दिया है। हाल ही में ईरान ने सऊदी अरब में स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस को निशाना बनाकर मिसाइल हमला किया। यह हमला उस समय हुआ. जब इससे पहले इजरायल और अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर कार्रवाई की थी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले में अमेरिकी वायुसेना के पांच एरियल रिफ्यूलिंग विमान क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि ये विमान पूरी तरह नष्ट नहीं हुए हैं और उनकी मरम्मत की जा रही है। 12 अमेरिकी सैनिकों के घायल होने की भी खबर है, लेकिन अलग-अलग स्रोतों में हताहतों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
पश्चिमी ईरान में हमले
ईरानी मीडिया के अनुसार, पश्चिमी ईरान के करमानशाह प्रांत में अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों में 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है और कई लोग घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि ये हमले तीन अलग-अलग जगहों पर किए गए, जिनमें रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाया गया। करखानेह गांव में सुबह हुए हमले में कम से कम 7 लोगों की मौत हुई। करमानशाह शहर में दो अलग-अलग हमलों में 13 से ज्यादा लोग मारे गए। मृतकों में महिलाएं, बच्चे और एक गर्भवती महिला भी शामिल होने की बात कही जा रही है। ईरानी अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि हमले जानबूझकर आम नागरिकों के इलाकों पर किए गए।
बढ़ते संघर्ष का हिस्सा
ये घटनाएं ईरान के खिलाफ चल रही व्यापक सैन्य कार्रवाई का हिस्सा मानी जा रही हैं, जिसमें अमेरिका और इजरायल दोनों शामिल हैं। इसके जवाब में ईरान भी क्षेत्र में मौजूद सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है, जिससे तनाव और बढ़ता जा रहा है।
ट्रंप का बयान
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इस स्थिति पर बयान दिया है। मियामी में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि ईरान के साथ युद्ध खत्म होने के बाद सऊदी अरब और इजरायल के बीच संबंध सामान्य करने का समय आ गया है। अब दोनों देशों को Abraham Accords में शामिल होना चाहिए। हालांकि, सऊदी अरब ने साफ किया है कि वह इजरायल के साथ संबंध तभी सामान्य करेगा, जब फिलिस्तीन के लिए एक स्पष्ट और भरोसेमंद समाधान का रास्ता तैयार किया जाएगा।

