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‘मौत के लिए तैयार हो जाओ’, लिंडसे ग्राहम की मौत के बाद ईरान की ट्रंप को चेतावनी

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तेहरान: अमेरिकी सीनेटर और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी लिंडसे ग्राहम की मौत के बाद ईरान के कुछ अखबारों और सरकारी मीडिया ने विवादित टिप्पणियां की हैं। कई ईरानी अखबारों ने ग्राहम की मौत को प्रमुखता से प्रकाशित किया, जबकि कुछ रिपोर्टों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अन्य अमेरिकी अधिकारियों को लेकर भी धमकी भरे संकेत दिए गए।

ईरान में ग्राहम की मौत पर विवादित कवरेज

ईरानी अखबार हमशहरी ने अपने पहले पन्ने पर “अचानक मौत के लिए तैयार हो जाओ” शीर्षक के साथ डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर प्रकाशित की। इस तस्वीर में ट्रंप के साथ दिवंगत लिंडसे ग्राहम, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका-इजरायल के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की तस्वीरें भी शामिल थीं। वहीं, दूसरे ईरानी अखबार वतन-ए-इमरूज ने अपने पहले पन्ने पर ग्राहम की मौत की खबर “मौत के सौदागर की मौत” शीर्षक से प्रकाशित की।

अखबार ने लिखा कि ग्राहम लंबे समय से ईरान के खिलाफ अमेरिका की सख्त नीतियों के समर्थक रहे थे और उनकी मौत अचानक हुई बीमारी के कारण हुई। इसी बीच, ईरान के सरकारी मीडिया के एक न्यूज एंकर ने भी विवादित बयान दिया। प्रसारण के दौरान उसने दावा किया कि युद्ध की वकालत करने वाले ईरान विरोधी अमेरिकी सीनेटर को “जहन्नुम भेज दिया गया” और इस पर ईरानी जनता को बधाई दी। इन बयानों के बाद अमेरिका में सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

ग्राहम की मौत की जांच की मांग

ट्रंप समर्थक MAGA समूह के कुछ लोगों ने ग्राहम की मौत की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि पहले ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की ओर से ग्राहम को धमकियां दी गई थीं, इसलिए इस मामले की पूरी जांच होनी चाहिए। हालांकि, अब तक ग्राहम की मौत को लेकर किसी साजिश की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लिंडसे ग्राहम अमेरिका की विदेश नीति के सबसे मुखर नेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने रूस के खिलाफ युद्ध में यूक्रेन को सैन्य सहायता देने का लगातार समर्थन किया। इसके अलावा, गाजा युद्ध के दौरान उन्होंने इजरायल का खुलकर साथ दिया और कई बार कहा कि ईरान की मौजूदा सरकार को सत्ता से हटाया जाना चाहिए।

ग्राहम अपने विवादित बयानों के कारण भी चर्चा में रहे। उन्होंने एक बार कहा था कि जरूरत पड़ने पर इजरायल गाजा में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल पर भी विचार कर सकता है। इस बयान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी आलोचना हुई थी। फरवरी में ईरान पर हुए हमलों के बाद भी ग्राहम ने खुलकर ईरानी सरकार को हटाने की मांग की थी। फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि यदि इससे मध्य पूर्व में स्थिरता आती है, तो इसकी आर्थिक और रणनीतिक कीमत चुकाना उचित होगा।

तनाव बढ़ने से पहले ग्राहम कई बार गए थे इजरायल

ईरान के साथ हालिया तनाव बढ़ने से पहले ग्राहम कई बार इजरायल गए थे। वहां उन्होंने इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के अधिकारियों और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की थी। बाद में उन्होंने दावा किया था कि इजरायल से मिली खुफिया जानकारी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का समर्थन करने के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा, ग्राहम ने संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब जैसे क्षेत्रीय देशों से भी ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य अभियान में शामिल होने की अपील की थी। हाल के दिनों में उन्होंने सऊदी अरब की इस संघर्ष से दूरी बनाए रखने के फैसले की भी आलोचना की थी।

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