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इजरायल पर ईरानी हमले में 24 घंटे में 191 घायल, इजरायली राजदूत बोले- हम तय समय से आगे

Iran Israel War

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इंटरनेशनल डेस्क। ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों की वजह से पिछले 24 घंटों में 191 लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसकी जानकारी इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी है। वहीं, फ्रांस में इजरायल के राजदूत जोशुआ जर्का ने कहा कि ईरान के खिलाफ इस युद्ध में हम अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए तय समय से आगे चल रहे हैं।

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द टाइम्स ऑफ इजरायल की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, जिन घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, उनमें इजरायली सैनिक और आम लोग दोनों शामिल हैं। इनमें से कम से कम एक व्यक्ति की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और तीन गंभीर स्थिति में हैं। इसके अलावा, 172 घायलों की हालत में सुधार हो रहा है। दस लोगों का मानसिक विकार का इलाज किया गया। स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि 28 फरवरी को ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से 2,339 लोगों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से 95 अभी हॉस्पिटल में हैं। हॉस्पिटल में भर्ती लोगों में से एक की हालत बहुत गंभीर बताई गई, जबकि 11 लोगों की हालत गंभीर है, 11 लोगों की हालत में सुधार हो रहा है और 69 की हालत ठीक है।

फ्रांस में इजरायल के राजदूत जोशुआ जर्का ने कहा कि इजरायल ईरान में अपने युद्ध के मकसद को पाने में तय समय से आगे है। इजरायल का मकसद ईरान में सरकार को कमजोर करना है ताकि ईरानी लोग अपनी किस्मत खुद तय कर सकें। फ्रांस के टीवी स्टेशन बीएफएमटीवी को दिए एक इंटरव्यू में जर्का ने कहा कि लेबनान में, लेबनानी सरकार अभी तक हिज्बुल्लाह को हथियार से नहीं हटा पाई है। इजरायली राजदूत को इस बात की जानकारी नहीं है कि इजरायल ने आतंकी समूह के साथ अपनी लड़ाई खत्म करने के लिए बातचीत की है।

इजरायल से इतर ईरान ने मौजूदा तनाव के बीच साफ संकेत दिया है कि वह अपने सैन्य हमलों को जल्द रोकने के मूड में नहीं है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि उनका देश ‘जब तक आवश्यक होगा’ मिसाइल हमले जारी रखने के लिए तैयार है और फिलहाल अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत एजेंडे में नहीं है।

ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिकी प्रसारक पीबीएस न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि मौजूदा हालात में तेहरान पीछे हटने वाला नहीं है। उनके मुताबिक, ईरान की सैन्य कार्रवाई तब तक जारी रह सकती है जब तक उसे अपने सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए जरूरी समझा जाएगा। अराघची ने यह भी स्पष्ट किया कि इस समय वाशिंगटन के साथ किसी भी प्रकार की कूटनीतिक वार्ता की संभावना नहीं है।

यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध “बहुत जल्द खत्म” हो जाएगा। ट्रंप के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अराघची ने संकेत दिया कि जमीन पर हालात इससे कहीं अधिक जटिल हैं और संघर्ष का अंत जल्द होने की उम्मीद फिलहाल वास्तविक नहीं लगती।

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