तेहरान (ईरान): मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच इजराइल ने बड़ा दावा किया है। इज़राइली मीडिया के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) की नेवी के कमांडर अलीरेजा तांगसिरी एक हमले में मारे गए हैं। बताया जा रहा है कि यह हमला ईरान के बंदर अब्बास इलाके में हुआ।
हालांकि, इस दावे पर अभी तक ईरान या इजराइली सेना की तरफ से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तांगसिरी को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने की रणनीति से जोड़ा जा रहा था, जो दुनिया के सबसे अहम तेल सप्लाई रूट्स में से एक है।
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ईरान का जवाबी एक्शन:
इस बीच, IRGC ने दावा किया है कि उसने अपने इलाके में हुए हमलों के जवाब में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर ऑपरेशन शुरू किया है। यह कार्रवाई “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4” के तहत की जा रही है।ईरान के मुताबिक, उसने अब तक मिसाइल और ड्रोन हमलों की 80 से ज्यादा लहरें चलाई हैं, जिनमें इज़राइल और अमेरिका के ठिकानों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में एडवांस्ड मिसाइलों का इस्तेमाल होने का भी दावा किया गया है।
अन्य ग्रुप भी शामिल:
इस संघर्ष में हिज़्बुल्लाह और इराक के कुछ सशस्त्र समूहों के भी शामिल होने की खबर है, जो इज़राइल और उसके सहयोगियों के खिलाफ हमले कर रहे हैं।
अमेरिका की तैयारी:
रिपोर्ट्स के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका भी इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मिडिल ईस्ट में अपने सैनिक भेजने की तैयारी कर रहा है। कहा जा रहा है कि 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के कुछ सैनिकों को तैनात किया जा सकता है।
ईरान की चेतावनी:
IRGC ने अमेरिका और इजराइल को चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने जमीनी कार्रवाई (ground operation) की कोशिश की, तो उन्हें गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। बता दें कि, पूरे मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से बिगड़ते दिख रहे हैं। लगातार हमलों और जवाबी कार्रवाई से क्षेत्र में बड़े युद्ध का खतरा बढ़ता जा रहा है।

