तेहरान: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु कार्यक्रम की आलोचना को सख्त लहजे में खारिज करते हुए कहा कि तेहरान यूरेनियम संवर्धन के लिए किसी की अनुमति का मोहताज नहीं है। उन्होंने अमेरिका के हालिया बयानों को “बकवास” बताते हुए जोर दिया कि ईरान अपनी नीतियों पर अडिग रहेगा।
यह बयान दिवंगत राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की याद में आयोजित एक स्मृति सभा में दिया गया, जिनकी पिछले वर्ष एक हेलीकॉप्टर हादसे में मौत हो गई थी। खामेनेई ने कहा, “अमेरिका कहता है कि वह ईरान को यूरेनियम संवर्धन की अनुमति नहीं देगा। यह एक गलतफहमी है। हम किसी की इजाजत से नहीं, अपने हितों और सिद्धांतों के अनुसार काम करते हैं।”
यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच अप्रत्यक्ष वार्ताएं जारी हैं, हालांकि खामेनेई ने इन वार्ताओं के परिणाम को लेकर निराशा जताई। उन्होंने कहा, “रईसी के कार्यकाल में भी इसी तरह की अप्रत्यक्ष बातचीत हुई थी, लेकिन उसका कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। आज भी हम ज्यादा उम्मीद नहीं रखते।”
ईरान के विदेश मंत्रालय ने भी स्पष्ट किया है कि अभी तक अगली बातचीत के लिए कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि बातचीत की प्रक्रिया अभी अनिश्चित है। वहीं, उप विदेश मंत्री काजम गरीबाबादी ने जानकारी दी कि वाशिंगटन से एक नया प्रस्ताव प्राप्त हुआ है, जिसकी समीक्षा की जा रही है।
यह पूरा घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब ईरान और पश्चिमी देशों के बीच परमाणु समझौते को लेकर गतिरोध बना हुआ है। ईरान की ओर से यह स्पष्ट संकेत है कि वह अपने परमाणु अधिकारों से पीछे हटने को तैयार नहीं है, चाहे वैश्विक दबाव कुछ भी हो।
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