Israel Iran War: मध्य पूर्व में तनाव अपने चरम पर है। इजराइल की सेना ने गुरुवार को ईरान के अराक भारी जल रिएक्टर के आसपास के क्षेत्र को तुरंत खाली करने की चेतावनी जारी की है। यह चेतावनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से दी गई, जिसमें उपग्रह से ली गई एक तस्वीर में रिएक्टर को लाल घेरे में दिखाया गया है।
अराक रिएक्टर राजधानी तेहरान से लगभग 250 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। यह भारी जल रिएक्टर न केवल परमाणु ईंधन के लिए प्रयोग होता है, बल्कि प्लूटोनियम भी उत्पन्न करता है, जिसका इस्तेमाल परमाणु हथियारों के निर्माण में किया जा सकता है।
इजराइली हमलों में 639 की मौत, 1,300 से अधिक घायल
वॉशिंगटन स्थित मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स के अनुसार, इजराइली हमलों में अब तक 639 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1,329 अन्य घायल हुए हैं। मरने वालों में 263 आम नागरिक और 154 सुरक्षा बलों के जवान शामिल हैं। यह आंकड़ा संघर्ष की गंभीरता को दर्शाता है।
IAEA ने इजराइल से संयम बरतने की अपील की
संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने इजराइल से अपील की है कि वह ईरान के परमाणु केंद्रों पर हमले न करे। एजेंसी के अनुसार, उनके निरीक्षकों ने 14 मई को आखिरी बार अराक रिएक्टर का दौरा किया था। IAEA को आशंका है कि इस तरह के हमले परमाणु सुरक्षा के वैश्विक मानकों को खतरे में डाल सकते हैं।
परमाणु संघर्ष की आशंका बढ़ी
विशेषज्ञों के अनुसार, अराक रिएक्टर जैसे स्थानों पर सैन्य कार्रवाई से परमाणु आपदा का खतरा पैदा हो सकता है। यह रिएक्टर भारी जल का उपयोग करता है, जो कि एक संभावित हथियार-ग्रेड प्लूटोनियम स्रोत बन सकता है।
इजराइली सेना द्वारा जारी चेतावनी से संकेत मिलता है कि क्षेत्र में आगे और सैन्य कार्रवाई हो सकती है। ईरान और इजराइल के बीच जारी यह संघर्ष अब वैश्विक सुरक्षा के लिए भी चिंता का विषय बन गया है।

