इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा में और अधिक सख्त सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए, लेकिन देश के पूर्व सेना प्रमुखों और खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस फैसले का विरोध किया है। इजरायली प्रधानमंत्री का ये आदेश उस वक्त आया है जब हमास और फिलीस्तीन इस्लामिद जिहाद नाम के आतंकी संगठनों ने इजरायली बंधकों को लेकर नये वीडियो जारी किए थे। वीडियो में एक इजरायली बंधक को अपना ही कब्र खोदते हुए और दूसरे बंधक को पानी के लिए तड़पते देखा गया था। वीडियो जारी होने के बाद बंधकों की सुरक्षित रिहाई को लेकर बेंजामिन नेतन्याहू पर प्रेशर और ज्यादा बढ़ चुका है। जिसके बाद उन्होंने पूरे गाजा पर कब्जा करने का आदेश जारी किया है।
पीएम नेतन्याहू और सेना प्रमुख के बीच मतभेद
इस्राइली रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीएम नेतन्याहू और सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर के बीच गाजा को पूरी तरह कब्जे में लेने को लेकर मतभेद है। नेतन्याहू चाहते हैं कि सेना पूरे गाजा पर नियंत्रण करे, लेकिन जमीर इसके खिलाफ हैं क्योंकि इससे बंधकों की जान को खतरा हो सकता है और मानवीय संकट और गहरा सकता है। इसके साथ ही इस्राइल की अंतरराष्ट्रीय छवि और खराब हो सकती है।
लड़ेंगे तो मिलेगा खाना
गाजा के निवासी अब हर दिन मौत और भूख के बीच जी रहे हैं। एक शख्स सामी अराफात, जो सात बच्चों के पिता हैं, उन्होंने बताया, ‘हमारे पास छिपने के लिए इमारतें नहीं हैं, हर जगह मलबा है।’ मोहम्मद कस्सास ने कहा, ‘अगर हम लड़ते हैं तो खाना मिलता है, नहीं लड़ें तो कुछ नहीं। अब सिर्फ ताकत से खाना लेना पड़ता है।’
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