चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता च्यांग पिन ने 27 नवंबर को एक नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जापान, जो अपनी हदें पार कर परेशानी खड़ी करने की हिम्मत कर रहा है, उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
एक रिपोर्टर ने पूछा: जापान का दावा है कि थाईवान से लगभग 110 किलोमीटर पूरब में योनागुनी द्वीप पर उसकी मिसाइल तैनाती ठीक से हो रही है। जापानी रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी ने कहा कि इस तैनाती से जापान पर सैन्य हमला होने की संभावना कम होती है और उन्हें नहीं लगता कि इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ेगा। चीनी रक्षा मंत्रालय का क्या जवाब है?
च्यांग पिन ने कहा, “थाईवान सवाल पूरी तरह से चीन का अंदरूनी मामला है। थाईवान के मुद्दे को कैसे सुलझाया जाए, यह खुद चीनी लोगों का मामला है और इसका जापान से कोई लेना-देना नहीं है। इस साल थाईवान पर चीनी प्रभुसत्ता की बहाली की 80वीं वर्षगांठ है। अपने हमले और थाईवान पर कब्ज़ा करने के गंभीर अपराधों पर गहराई से सोचने के बजाय, जापान अंतर्राष्ट्रीय निंदा को नज़रअंदाज़ कर रहा है और थाईवान जलडमरूमध्य में सैन्य दखल देने की कोशिश कर रहा है।
युद्ध के बाद के अंतर्राष्ट्रीय शासन को बदलने और सैन्यवाद की गलतियों को दोहराने की कोशिश कर रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि पीपल्स लिबरेशन आर्मी के पास किसी भी हमलावर दुश्मन को हराने की ताकतवर काबिलियत और भरोसेमंद तरीके हैं, और जापान, जो अपनी हदें पार कर मुसीबत खड़ी करने की हिम्मत कर रहा है, उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

