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जापान की नाभिकीय हथियार संपन्न होने की चेष्टा को रोकना है

Japan's attempt to acquire nuclear weapons

Japan's attempt to acquire nuclear weapons

इंटरनेशनल डेस्क: हाल ही में जापानी प्रधान मंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने खुलेआम बताया कि जापान को नाभिकीय हथियार संपन्न होना चाहिए। इससे पहले जापानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार जापानी प्रधान मंत्री साने ताकाइची की तीन नॉन-न्यूक्लियर सिद्धांतों को संशोधित करने की योजना है और जापानी रक्षा मंत्री ने कहा कि तीन नॉन न्यूक्लियर सिद्धांतों पर विचार करने के समय किसी विकल्प से इंकार नहीं किया जा सकता। नाभिकीय हथियार संपन्न होने के मुद्दे पर जापान सरकार की खतरनाक चेष्टा ने दूसरे विश्व युद्ध के बाद अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था और नाभिकीय अप्रसार व्यवस्था को खुली चुनौती दी है, जो विश्व शांति विकास के लिए गंभीर खतरा बन चुका है।

बता दें कि वर्ष 1967 में तत्कालीन जापानी प्रधान मंत्री सातो ईसाकु ने संसद में भाषण देते समय तीन नॉन न्यूक्लियर सिद्धांत प्रस्तुत किये यानी नाभिकीय हथियार संपन्न नहीं होना, नाभिकीय हथियार निर्मित नहीं करना और देश में नाभिकीय हथियार नहीं पहुंचाना। वर्ष 1971 में तीन नॉन न्यूक्लियर सिद्धांतों को औपचारिक रूप से जापानी संसंद के विधेयक में लिखा गया, जो अपने शांतिपूर्ण पक्ष दर्शाने की बॉटम लाइन है। लेकिन इधर कुछ साल जापानी राजनीतिक मंच में दक्षिण पंथीकरण का रुझान अधिक गंभीर हो रहा है। खासकर साने ताकाइची प्रशासन ने साजो-सामान के विस्तार में सिलसिलेवार कदम उठाये, जिसने जापान की सैन्यवाद बहाल करने की आकांक्षा दिखायी है।

कानूनी स्तर से जापान का नाभिकीय हथियार संपन्न होने का इरादा पोजडाम समेत दस्तावेजों में निर्धारिक अंतर्राष्ट्रीय कानून के कर्तव्य और जापान के शांति संविधान के विरुद्ध है। नैतिक स्तर से देखा जाए, दूसरे विश्व युद्ध में आक्रमणकारी होने के नाते जापान ने जघन्य अपराध किये और उसमें नाभिकीय हथियार संपन्न होने की पात्रता नहीं है।

चिंताजनक बात है जापान ने नागरिक नाभिकीय ऊर्जा विकास के बहाने से गुप्त रूप से 47 टन प्लूटोनियम जमाया है, जिससे 6 हजार न्यूक्लियर हेड्स बनाने की क्षमता है। अगर जापान के पास नाभिकीय हथियार हो, तो एशिया प्रशांत क्षेत्र का रणनीतिक संतुलन तोड़ा जाएगा, जो क्षेत्र और अंतर्राष्ट्रीय शांति के लिए गंभीर खतरा बन जाएगा।

वर्तमान में चीन और रूस आदि देशों ने जापानी अधिकारियों के सम्बंधित कथन पर चेतावनी दी है और जापान से अंतर्राष्ट्रीय कानून व अपने संविद्धान का पालन करने का आग्रह किया है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को एकजुट होकर जापान को नाभिकीय हथियार संपन्न होने से रोकना चाहिए।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

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