
टोक्यो: जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने पार्टी का अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने बुधवार (14 अगस्त) को कहा कि वह सितंबर में होने वाले लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) के मुख्य चुनाव नहीं लड़ेंगे। जापान में सत्तारूढ़ पार्टी के अध्यक्ष को प्रधानमंत्री चुना जाता है। किशिदा की इस घोषणा के बाद अब यह तय है कि देश को नया प्रधानमंत्री मिलेगा।
जापान के पीएम फुमियो किशिदा ने कहा, “एक बार नया नेता तय हो जाने के बाद मुझे उम्मीद है कि सभी एकजुट होकर एक बेहतर टीम बनाएंगे, ताकि हम ऐसी राजनीति कर सकें जिसे जनता समझ सके।” किशिदा 2021 में लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष चुने गए थे। उनका तीन साल का कार्यकाल सितंबर में खत्म हो रहा है। जापान में पीएम किशिदा की लोकप्रियता में भारी गिरावट आई है। इसकी वजह उनकी पार्टी पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। निक्केई एशिया के मुताबिक जुलाई में किशिदा की अप्रूवल रेटिंग 20% से नीचे थी। यह लगातार आठवां महीना है जब किशिदा की रेटिंग इतनी कम रही है। 2021 में पीएम किशिदा की रेटिंग 65% के करीब थी।
शिंजो आबे की मौत के बाद उनकी रेटिंग में गिरावट शुरू हो गई थी। दरअसल, आबे की मौत के बाद एलडीपी का यूनिफिकेशन चर्च से रिश्ता उजागर हुआ था। यह चर्च पार्टी को वित्तीय मदद देता था। बाद में इससे जुड़े कई घोटाले सामने आए। इस साल अप्रैल में स्थानीय चुनावों में एलडीपी को बुरी हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद जुलाई में टोक्यो मेट्रोपॉलिटन असेंबली उपचुनाव में भी पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा। यही वजह थी कि एलडीपी के ज्यादातर सांसद अगले आम चुनाव से पहले नए चेहरे की जरूरत पर जोर दे रहे थे।
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