Joe Biden has prostate cancer: वाशिंगटन: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बिडेन को हाल ही में प्रोस्टेट कैंसर के आक्रामक रूप का पता चला है, जिससे देशभर में चिंता की लहर दौड़ गई है। बिडेन के कार्यालय से प्राप्त आधिकारिक बयान के मुताबिक, उन्हें पिछले सप्ताह मूत्र संबंधी लक्षणों में वृद्धि के बाद चिकित्सा जांच करवानी पड़ी थी, जिसके परिणामस्वरूप प्रोस्टेट में एक नोड्यूल की पहचान हुई। इसके बाद, विस्तृत जांच में बिडेन को प्रोस्टेट कैंसर का निदान हुआ, जिसमें ग्लेसन स्कोर 9 (ग्रेड ग्रुप 5) था और हड्डियों में मेटास्टेसिस के संकेत मिले।
बयान में यह भी कहा गया, “हालांकि यह कैंसर का एक अधिक आक्रामक रूप है, लेकिन प्रारंभिक संकेत बताते हैं कि यह हार्मोन-संवेदनशील प्रकार का हो सकता है, जिससे प्रभावी उपचार की उम्मीद बनी रहती है।” बिडेन और उनका परिवार अब उपचार के विभिन्न विकल्पों पर चर्चा कर रहे हैं और विशेषज्ञों से सलाह ले रहे हैं।
जो बिडेन, जो इस समय 82 वर्ष के हैं, अमेरिका के सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति रहे हैं और इस साल की शुरुआत में अपने दूसरे कार्यकाल के लिए चुनावी दौड़ से बाहर हो गए थे। उनके स्वास्थ्य पर बढ़ती चिंताओं के बीच, बिडेन के कैंसर निदान की खबर ने राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में हलचल पैदा कर दी है।
राष्ट्रपति बिडेन ने 2015 में अपने बेटे ब्यू बिडेन को कैंसर के कारण खो दिया था, और तब से उन्होंने कैंसर के इलाज के लिए “मूनशॉट” पहल की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य कैंसर को समाप्त करने के लिए नई खोजों और उपचारों को बढ़ावा देना है। इस पहल के दौरान, बिडेन ने देशभर में कैंसर के मरीजों के लिए जागरूकता बढ़ाई और नए चिकित्सा शोधों के लिए धन जुटाने का प्रयास किया।
पूर्व राष्ट्रपति के निदान के बाद, उनके स्वास्थ्य को लेकर व्यक्त की जा रही चिंता को लेकर कई राजनीतिक नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए बिडेन के परिवार को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना ने ट्वीट किया, “जो बिडेन और उनके परिवार के लिए मेरी प्रार्थनाएँ हैं। वे हमेशा योद्धा रहे हैं, और मुझे विश्वास है कि वे इस कठिन समय को भी साहस और शालीनता से पार करेंगे।”
राष्ट्रपति बिडेन के स्वास्थ्य पर बढ़ती चिंताओं के बावजूद, उनके समर्थकों का कहना है कि वह इस चुनौती को भी पार करने में सक्षम हैं, जैसा कि उन्होंने अपने राजनीतिक करियर में अन्य कठिनाइयों से निपटने के दौरान साबित किया है। अब यह देखना होगा कि राष्ट्रपति बिडेन, जो पहले ही राजनीति और समाज सेवा में अपनी भूमिका निभा चुके हैं, इस नई स्वास्थ्य चुनौती का सामना कैसे करते हैं और उनकी मूनशॉट पहल का क्या भविष्य होता है।

