तेहरान: दक्षिणी ईरान के ऐतिहासिक शहर शिराज में मंगलवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जिसमें एक वरिष्ठ न्यायाधीश एहसुम बाघेरी (38) की चाकू से हमला करके हत्या कर दी गई।
बता दें कि, वह रोज़ाना की तरह अपने कार्यालय जा रहे थे। इस घटना ने ईरान की न्याय व्यवस्था और सुरक्षा ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने इस हत्या को “आतंकवादी कृत्य” करार देते हुए पुष्टि की कि दो अज्ञात हमलावरों ने बाघेरी पर हमला किया और फरार हो गए। अब तक किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन जांच एजेंसियां इस हत्याकांड को एक सुनियोजित आतंकी साजिश मानकर जांच में जुटी हैं।
-न्यायपालिका के निडर चेहरे पर हमला
न्यायाधीश एहसुम बाघेरी, शिराज के न्यायिक विभाग में कार्यरत थे और उन्होंने पहले रेवलूशनेरी कोर्ट में अभियोजक के रूप में भी सेवाएं दी थीं। यह अदालत ईरान में राष्ट्रीय सुरक्षा और ड्रग ट्रैफिकिंग से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए जानी जाती है। माना जा रहा है कि उनके पूर्व मामलों के चलते वे हमलावरों के निशाने पर आए हों।
बाघेरी की प्रोफाइल यह दर्शाती है कि वह उन मामलों में शामिल थे जो कट्टरपंथी समूहों और आपराधिक गैंगों के लिए असुविधाजनक साबित हुए थे। उनका कार्यकाल कई विवादास्पद फैसलों से भी जुड़ा रहा है, खासकर आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ कड़े कदमों के लिए।
-पिछले हमलों की कड़ी में एक और वारदात?
ईरान में न्यायाधीशों पर हमले कोई नई बात नहीं है। जनवरी 2024 में भी तेहरान में दो न्यायाधीशों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिन्होंने 1980 के दशक में विद्रोहियों को मृत्युदंड दिए थे। इस पृष्ठभूमि में बाघेरी की हत्या को अलग-थलग घटना नहीं माना जा सकता।
-सरकार की प्रतिक्रिया और सुरक्षा चिंता
ईरानी अधिकारियों ने इस हमले को देश की न्यायिक स्वायत्तता और आंतरिक सुरक्षा पर सीधा हमला बताया है। सरकार ने तुरंत शिराज में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया है और पुलिस तथा खुफिया एजेंसियों को हमलावरों को पकड़ने के लिए अलर्ट पर रखा गया है।
गृह मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा है,“यह कायराना हमला देश की न्यायिक प्रक्रिया को बाधित करने का प्रयास है। हम अपराधियों को जल्द पकड़कर कानून के कटघरे में लाएंगे।”
ये भी पढ़ें: नासिक: सड़क किनारे बने गहरे कुएं में गिरी कार, एक ही झटके में खत्म हो गया पूरा परिवार

