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दोस्तों के लिए इंसाफ मांगने कोर्ट पहुंची 3 साल की बच्ची, याचिका में दिया संविधान के अनुच्छेद 99-A का हवाला

November 8, 2024

दोस्तों के लिए इंसाफ मांगने कोर्ट पहुंची 3 साल की बच्ची, याचिका में दिया संविधान के अनुच्छेद 99-A का हवाला

Justice for Friends : पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में तीन साल की एक बच्ची ने स्थानीय सरकार के खिलाफ याचिका दायर की है। दरअसल, लाहौर धुंध के गंभीर प्रभाव से जूझ रहा है। यहां की एयर क्वालिटी बेहद खतरनाक बनी हुई है।

लाहौर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ग्लोबल रैंकिंग में टॉप पर रहा। AQI का स्तर 800 अंक से भी अधिक था, जिससे वहां की हवा निवासियों के लिए गंभीर रूप से खतरनाक हो गई।स्विस एयर क्वालिटी मॉनीटर आईक्यू-एयर के अनुसार, लाहौर दुनिया के सबसे हाई AQI वाले शहरों में टॉप पर है। कई मौकों पर इसका स्तर 1000 को भी पार कर गया है।

लंबे समय से जारी खराब मौसम की वजह से लोगों का अपने घरों से बाहर निकलना असंभव हो गया। अस्पताल भी सांस की समस्याओं से पीड़ित लोगों से भर रहे हैं। खराब एयर क्वालिटी के कारण प्रांत के हजारों नागरिक सांस की बीमारियों के प्रति संवेदनशील हो गए हैं। प्रांतीय सरकार और डॉक्टरों ने सभी को सलाह दी है कि जब भी अपने घरों से बाहर निकलें तो मास्क पहनें।

प्रांतीय सरकार ने पूरे प्रांत में स्मॉग इमरजेंसी लागू कर दी है। लाहौर और अन्य जिलों में उच्चतर माध्यमिक स्तर तक के सभी शैक्षणिक संस्थानों को 17 नवंबर तक बंद कर दिया गया है।

बच्ची की कोर्ट में याचिका-

इस बीच एक तीन साल की बच्ची ने लाहौर हाई कोर्ट में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में नाकाम रहने पर प्रांतीय सरकार के खिलाफ मामला दर्ज कराया। याचिकाकर्ता अमल सेखेरा ने अपने वकील के जरिए याचिका में कहा कि छोटे बच्चे और बुजुर्ग वायु प्रदूषण से गंभीर रूप से प्रभावित हैं। उन्होंने अपने लिए, दोस्तों और आने वाली पीढ़ियों के लिए इंसाफ की मांग की है।

याचिका में कहा गया है, ‘संविधान के अनुच्छेद 99-ए के तहत सरकार नागरिकों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण प्रदान करने के लिए बाध्य है।‘ याचिका में पाकिस्तान के संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों की रक्षा करने में नाकाम रहने के लिए पंजाब सरकार की आलोचना की गई।

प्रदूषण पर सरकार की सलाह-

पंजाब सरकार की सीनियर प्रांतीय मंत्री मरियम औरंगजेब ने कहा है कि धुंध की तीव्रता कम से कम 10 दिन और जारी रहने की उम्मीद है, जिसके कारण शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए हैं और लोगों को मास्क पहनने की सलाह दी गई है। मुल्तान और गुजरांवाला जैसे कई अन्य शहर भी मौजूदा मौसम की स्थिति से बुरी तरह प्रभावित हैं।

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