
वारसॉ: पोलैंड के राष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी लॉ एंड जस्टिस (पीआईएस) पार्टी द्वारा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार करोल नवरोकी ने अपने प्रतिद्वंदी रफाल ट्रजास्कोव्स्की को हराते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। पोलिश नेशनल इलेक्टोरल कमीशन (पीकेडब्ल्यू) द्वारा सोमवार को जारी किए गए अंतिम परिणामों के अनुसार, नवरोकी ने राष्ट्रपति पद के चुनाव के दूसरे चरण में 50.89 प्रतिशत वोट प्राप्त किए, जबकि वारसॉ के मेयर और सत्तारूढ़ सिविक कोएलिशन (केओ) के उम्मीदवार ट्रजास्कोव्स्की को 49.11 प्रतिशत वोट मिले।
-दर्ज की ऐतिहासिक जीत
नवरोकी की जीत न केवल उनके राजनीतिक करियर के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, बल्कि पोलैंड के राजनीतिक परिदृश्य को भी नया मोड़ दे सकती है। ग्दान्स्क में 1983 में जन्मे नवरोकी के लिए यह पहला राष्ट्रपति चुनाव था, और चुनाव की शुरुआत से ही उनकी राह आसान नहीं थी। रविवार शाम के शुरुआती एग्जिट पोल में वे ट्रजास्कोव्स्की से पीछे चल रहे थे, लेकिन मतदान के अंतिम परिणामों ने तस्वीर को पलट दिया।
नवरोकी के समर्थकों ने उन्हें पोलैंड के लिए एक नया दृष्टिकोण देने वाला नेता माना है, जबकि उनके विरोधियों ने उनकी नीतियों को अधिक राष्ट्रवादी और विवादास्पद बताया। नवरोकी, जो अब तक राष्ट्रीय स्मृति संस्थान के प्रमुख के रूप में कार्यरत थे, अपने इतिहासकार के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए पोलैंड के भविष्य के बारे में एक मजबूत दृष्टिकोण रखते हैं।
– नवरोकी को मिला अमेरिकी राष्ट्रपति का समर्थन
यह परिणाम पोलैंड में राष्ट्रवाद की ओर एक झुकाव को दिखाता है, जिसमें नवरोकी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन प्राप्त है। ट्रंप का समर्थन पोलैंड के विदेश नीति में एक नए मोड़ की संभावना को प्रकट करता है, जिससे यह संकेत मिलता है कि पोलैंड अपने नए नेतृत्व के तहत अधिक राष्ट्रवादी रुख अपना सकता है।
नवरोकी के चुनावी अभियान के दौरान, उन्होंने कई मुद्दों पर विपक्षी पार्टियों और मीडिया से आलोचनाओं का सामना किया, लेकिन उनके समर्थकों का मानना है कि वे पोलैंड को एक मजबूत और स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में पुनः स्थापित करने में सक्षम होंगे।
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