Site icon Dainik Savera Times

संकट के बीच ईरान से वापस लौटे कश्मीरी छात्र, परिवार वालों ने जाहिर की खुशी

kashmiri students return home from iran

kashmiri students return home from iran

इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के माहौल के बीच ईरान में पढ़ाई कर रहे कश्मीर घाटी के छात्रों की घर वापसी शुरू हो गई है। शनिवार को करीब 30 से अधिक छात्र सुरक्षित ईरान से लौटकर कश्मीर पहुंच गए हैं। रविवार को भी कुछ और छात्रों के लौटने की उम्मीद जताई जा रही है। अपने बच्चों को सकुशल घर पहुंचता देख अभिभावकों ने राहत की सांस ली है और इसे अपने लिए सबसे बड़ी खुशी बताया है।

बड़गाम जिले के मागाम इलाके की रहने वाली जोहा सैयदा भी ईरान से सुरक्षित लौटने वाले छात्रों में शामिल हैं। उनके पिता सैयद अख्तर ने बताया कि जोहा तेहरान यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही थी। वह शुक्रवार को ईरान से रवाना हुई और शनिवार को सुरक्षित श्रीनगर पहुंच गई। उन्होंने कहा कि छात्र संगठनों और पूर्व छात्रों ने उनकी बेटी की वापसी में अहम भूमिका निभाई और लगातार स्थिति की जानकारी देते रहे। ईरान में हालात तनावपूर्ण हैं, हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की देखभाल कर रहा था। सबसे ज्यादा परेशानी तब हुई जब वहां इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। कई छात्र अपने प्रयासों से ही भारत लौटे हैं।

ये भी पढ़ें: Pakistan: शॉपिंग मॉल में लगी भीषण आग, 3 लोगों की गई जान

जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (जेकेएसए) के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहामी ने बताया कि अब तक 30 से ज्यादा कश्मीरी छात्र ईरान से सुरक्षित भारत लौट चुके हैं। एक समूह शिराज से शारजाह होते हुए दिल्ली पहुंचा और दूसरी फ्लाइट सीधे तेहरान से दिल्ली आई। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने छात्रों को एयरपोर्ट तक पहुंचाने और जरूरी मदद देने में सहयोग किया।

खुएहामी के अनुसार, सभी छात्रों ने अपने खर्च पर यात्रा की है। इन फ्लाइट्स में तीर्थयात्री भी बड़ी संख्या में सवार थे। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में और छात्र लौट सकते हैं, क्योंकि कई छात्रों ने कमर्शियल फ्लाइट्स की बुकिंग कर ली है। भारतीय दूतावास ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल भारत सरकार की ओर से कोई औपचारिक निकासी अभियान शुरू नहीं किया गया है। दूतावास लगातार छात्रों के संपर्क में है और जरूरत पड़ने पर आधिकारिक माध्यम से सूचना दी जाएगी।

जेकेएसए विदेश मंत्रालय और तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है। संगठन के अनुसार ईरान में मौजूद सभी छात्र फिलहाल सुरक्षित हैं। छात्रों के परिवारों ने विदेश मंत्रालय और दूतावास के अधिकारियों का आभार जताया है।

एसोसिएशन ने बताया कि कश्मीर घाटी के 2000 से अधिक छात्र ईरान में पढ़ाई कर रहे हैं, जो बीते कुछ हफ्तों से तनावपूर्ण हालातों के कारण चिंता में थे। संचार सेवाएं बंद होने से अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई थी, लेकिन अब छात्रों की वापसी शुरू होने से राहत मिली है। इस बीच ईरान में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे जम्मू-कश्मीर के करीब 234 छात्रों की पढ़ाई अधर में फंस गई है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसे हालात बनने से ये छात्र पढ़ाई छोड़कर वापस लौट रहे हैं। इनमें करीब 70 प्रतिशत छात्र कश्मीर और 30 प्रतिशत छात्र जम्मू क्षेत्र से हैं।

जम्मू-कश्मीर मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार डॉ. संदीप डोगरा ने बताया कि विदेश में मेडिकल की पढ़ाई अधूरी छोड़कर लौटने वाले छात्र भारत के किसी भी मेडिकल कॉलेज में दाखिला नहीं ले सकते। नियमों के अनुसार उन्हें भारत सरकार से मान्यता प्राप्त किसी विदेशी मेडिकल कॉलेज में ही अपनी पढ़ाई पूरी करनी होगी। पढ़ाई पूरी करने के बाद भारत लौटने पर उन्हें फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन (एफएमजी) पास करना अनिवार्य होगा। बिना यह परीक्षा पास किए देश में मेडिकल प्रैक्टिस की अनुमति नहीं दी जाती।

ये भी पढ़ें: हर्षित राणा बनाम जसप्रीत बुमराह: 13 वनडे मैचों के बाद किसका पलड़ा रहा भारी?

डॉ. डोगरा के अनुसार, वर्ष 2021 से 2025 के बीच विदेश से मेडिकल की पढ़ाई पूरी कर एफएमजी परीक्षा पास करने वाले 2367 डॉक्टरों ने जम्मू-कश्मीर मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण कराया है। एफएमजी परीक्षा कठिन होने के कारण केवल लगभग 20 प्रतिशत छात्र ही इसे पास कर पाते हैं। इसी अवधि में जम्मू-कश्मीर में पढ़ाई करने वाले 3215 डॉक्टरों ने भी काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराया है और 2270 डॉक्टरों ने अन्य राज्यों में प्रैक्टिस के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र मांगा है।

नियमों के अनुसार, ईरान से लौट रहे मेडिकल छात्र भारत में किसी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश नहीं ले सकेंगे और उन्हें अपनी पढ़ाई विदेश में ही पूरी करनी होगी। फिलहाल ईरान में पढ़ाई के लिए गए 234 छात्र वापस लौट रहे हैं, जिनमें से कितने भारत पहुंच चुके हैं, इसकी सटीक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

Exit mobile version