Site icon Dainik Savera Times

Venezuela के राष्ट्रपति की गिरफ्तारी पर किम जोंग की अमेरिका को चेतावनी, कहा- मेरे मित्र को रिहा करो, वरना…

Kim Jong-un warns the US

Kim Jong-un warns the US

इंटरनेशनल डेस्क: वेनेजुएला को लेकर अमेरिका की हालिया कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। इस मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया, जब खबरें सामने आईं कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, इस पर आधिकारिक पुष्टि को लेकर स्थिति साफ नहीं है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के बाद वैश्विक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

इस पूरे घटनाक्रम में उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन के बयान ने तनाव को और बढ़ा दिया है। किम जोंग उन ने खुले तौर पर अमेरिका को चेतावनी दी है और कहा है कि राष्ट्रपति मादुरो उनके करीबी मित्र हैं। उन्होंने मांग की कि मादुरो को तुरंत रिहा किया जाए, नहीं तो इसके गंभीर अंतरराष्ट्रीय परिणाम हो सकते हैं।

ये भी पढ़ें: Today’s horoscope 4 Jan 2026: कन्या राशि वालों को व्यापार में होगा लाभ! जानें अन्य राशियों का हाल

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, किम जोंग उन ने अमेरिका की इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा कि किसी संप्रभु देश के राष्ट्रपति की गिरफ्तारी पूरी दुनिया की शांति के लिए खतरा बन सकती है। उत्तर कोरियाई नेता ने यहां तक चेतावनी दी कि इस तरह के कदम वैश्विक टकराव को जन्म दे सकते हैं और हालात विश्व युद्ध जैसे बन सकते हैं।

किम जोंग उन ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह लगातार दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करता रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश को दूसरे देश की सरकार या राष्ट्रपति के खिलाफ जबरन कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है। साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वेनेजुएला की संप्रभुता का सम्मान किया जाए और मादुरो को जल्द रिहा किया जाए।

इस मुद्दे पर अमेरिका को सिर्फ उत्तर कोरिया ही नहीं, बल्कि कई अन्य देशों की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। रूस, क्यूबा, कोलंबिया, मेक्सिको, ब्राजील, चिली, ईरान, स्पेन और जर्मनी जैसे देशों ने अमेरिकी कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। इन देशों का कहना है कि वेनेजुएला को अपने भविष्य का फैसला खुद करने का अधिकार है। रूस ने साफ तौर पर कहा है कि किसी भी तरह का बाहरी सैन्य या राजनीतिक हस्तक्षेप अस्वीकार्य है। रूस ने संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया है। वहीं कोलंबिया ने भी इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया है। हालांकि, कोलंबिया ने यह भी कहा कि वह सैन्य संघर्ष नहीं चाहता, लेकिन शांति और मानवाधिकारों की रक्षा जरूरी है। सुरक्षा कारणों से कोलंबिया ने वेनेजुएला सीमा पर अपनी सेना तैनात की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया के कड़े बयान से वैश्विक तनाव और बढ़ सकता है। पहले से ही संयुक्त राष्ट्र और कई देश अमेरिका की भूमिका को लेकर चिंता जता चुके हैं। ऐसे में अमेरिका और वेनेजुएला के बीच का विवाद अब सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय राजनीति का एक बड़ा और संवेदनशील मुद्दा बनता जा रहा है।

Exit mobile version