31 जुलाई को 12वीं लंकांग-मेकांग सहयोग (LMC) वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता चीन के उप विदेश मंत्री सुन वेइतोंग और थाईलैंड के वरिष्ठ अधिकारी रुजिकोर्न सेंगचंतर ने संयुक्त रूप से की। इस महत्वपूर्ण बैठक में कंबोडिया, लाओस, म्यांमार और वियतनाम के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। सभी छह सदस्य देशों ने लंकांग-मेकांग सहयोग की अब तक की प्रगति की गहन समीक्षा की और भविष्य में सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही, 10वीं लंकांग-मेकांग सहयोग विदेश मंत्रियों की बैठक की तैयारियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में चीनी उप विदेश मंत्री सुन वेइतोंग ने कहा कि इस वर्ष लंकांग-मेकांग सहयोग की दसवीं वर्षगाँठ है। आज के बदलते वैश्विक परिवेश और अंतर्राष्ट्रीय स्थिति में, सभी देशों को पहले से कहीं अधिक एकता और सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि चीन मैत्री, ईमानदारी, आपसी लाभ और समावेशिता की पड़ोसी कूटनीति की अवधारणा पर दृढ़ता से कायम रहेगा। चीन मेकांग देशों के साथ रणनीतिक संचार को मजबूत करने, एकजुटता और सहयोग को गहरा करने, सुरक्षा को सुनिश्चित करने और लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका मानना है कि इन प्रयासों से लंकांग-मेकांग देशों के लिए एक साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण में मदद मिलेगी और सहयोग के नए दशक की शुरुआत होगी।
बैठक में सभी सदस्य देशों ने लंकांग-मेकांग सहयोग के सफल परिणामों की सराहना की। उन्होंने लंकांग-मेकांग सहयोग विशेष कोष को धन्यवाद दिया, जिसने सदस्य देशों के विकास और लोगों की आजीविका में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सभी पक्षों ने राजनीतिक आपसी विश्वास को मजबूत करने, एकजुटता और सहयोग को बढ़ाने, लंकांग-मेकांग भावना को आगे बढ़ाने, और क्षेत्रीय शांति, स्थिरता व सतत विकास को बढ़ावा देने पर सहमति जताई, और हाथ मिलाकर साझा भविष्य वाले लंकांग-मेकांग समुदाय के निर्माण की दिशा में काम करने एवं क्षेत्रीय लोगों को बेहतर लाभ पहुँचाने की इच्छा व्यक्त की।
(साभार-चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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