इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका के टेक्सास राज्य में हाल ही में हुए नगर परिषद चुनावों में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए गर्व का क्षण आया, जब दो उम्मीदवारों संजय सिंघल और सुख कौर ने शानदार जीत हासिल कर अपने-अपने जिलों में विजय पताका फहराई।
संजय सिंघल की निर्णायक जीत- शुगर लैंड, डिस्ट्रिक्ट 2
आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्र और पारदर्शी शासन के पक्षधर संजय सिंघल ने शुगर लैंड के ‘डिस्ट्रिक्ट 2’ से नगर परिषद चुनाव में जीत दर्ज की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी, भारतीय मूल के ही नासिर हुसैन को बड़े अंतर से हराया। फोर्ट बेंड काउंटी के अनौपचारिक परिणामों के मुताबिक, सिंघल को कुल 2,346 मत प्राप्त हुए, जबकि हुसैन को मात्र 777 मतों से संतोष करना पड़ा।
संजय सिंघल का चुनाव अभियान बुनियादी ढांचे के सुधार, पारदर्शी प्रशासन और स्थानीय समुदाय की भागीदारी को केंद्र में रखकर चलाया गया था, जिसने मतदाताओं का भरोसा जीता।
सुख कौर का परचम- सैन एंटोनियो, डिस्ट्रिक्ट 1
वहीं दूसरी ओर, सिख-अमेरिकी और शिक्षा क्षेत्र की प्रख्यात सुधारक सुख कौर ने सैन एंटोनियो में ‘डिस्ट्रिक्ट 1’ से भारी मतों से जीत हासिल कर अपनी परिषद सीट को बरकरार रखा। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी पैटी गिबन्स को 65% मतों के विशाल अंतर से पराजित किया।
स्टैनफोर्ड और हार्वर्ड जैसी विश्वप्रसिद्ध संस्थाओं से स्नातक कौर, सैन एंटोनियो नगर परिषद में चुनी जाने वाली पहली सिख महिला हैं। अपने पति और दो बच्चों के साथ शहर में रहने वाली कौर ने किफायती आवास, सार्वजनिक परिवहन के विस्तार और समावेशी शहरी विकास को अपने अभियान की प्राथमिकता बनाया।
भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए प्रेरणास्रोत
इन दोनों नेताओं की जीत न केवल भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए गौरव की बात है, बल्कि यह अमेरिका की स्थानीय राजनीति में समुदाय की बढ़ती भागीदारी और प्रभाव को भी दर्शाती है। जहां एक ओर सिंघल प्रशासनिक पारदर्शिता और बुनियादी सुविधाओं पर काम करने का वादा करते हैं, वहीं कौर समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने वाले विकास की पक्षधर हैं।
इन दोनों की सफलता ने भारतीय मूल के लोगों के लिए नए रास्ते खोले हैं और यह संकेत दिया है कि मेहनत, दृष्टिकोण और सही मुद्दों के साथ अमेरिकी राजनीति में भी गहरी छाप छोड़ी जा सकती है।

