चीन अब चीनी शैली वाले आधुनिकीकरण से राष्ट्रीय पुनरोत्थान का महान कार्य बढ़ा रहा है। चीनी शैली वाले आधुनिकीरण की चर्चा में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा था कि चीनी आधुनिकीकरण ने ऐसा भ्रामक विचार तोड़ दिया है कि आधुनिकीकरण का मतलब पश्चिमीकरण है। चीनी आधुनिकीकरण ने एक अलग दृश्य दिखाया है और विकासशील देशों के लिए आधुनिकीकरण की ओर बढ़ने का एक नया रास्ता निकाला है और बेहतर सामाजिक व्यवस्था की खोज में चीनी योजना प्रदान की है। चीनी शैली वाला आधुनिकीरण चीनी इतिहास, संस्कृति और सामाजिक व्यवस्था के लाभ पर आधारित है।
विशाल आबादी वाली आधुनिकीकरण उसकी पहली विशेषता है। चीन की आबादी 140 करोड़ से अधिक है, जो अमेरिका की आबादी से चार गुना अधिक है। ऐसे पैमाने वाला आधुनिकीकरण मानव इतिहास में अभूतपूर्व है।
समग्र चीनी जनता का एक साथ अमीर होना चीनी आधुनिकीकरण की दूसरी बड़ी विशेषता है। पश्चिमी आधुनिकीकरण में अमीर-गरीब का फासला तेजी से बढ़ता है। मसलन अमेरिका में दस प्रतिशत सबसे अमीर लोगों के पास अमेरिका के परिवारों की कुल संपत्ति का करीब 70 प्रतिशत भाग है। लेकिन चीन सरकार आधुनिकीकरण में समान समृद्धि पर खास जोर देती है और इस अभियान में किसी को छूटने नहीं देती।
चीनी आधुनिकीकरण मानव और प्रकृति के बीच सामंजस्यपूर्ण सहअस्तित्व का आधुनिकीकरण है। शी चिनफिंग ने यह अवधारणा पेश की कि स्वच्छ पानी और हरित पहाड़ अनमोल संपत्ति हैं। पिछले चार साल में चीन के प्रति यूनिट जीडीपी ऊर्जा खपत में 11.6 प्रतिशत कमी आयी।
इसके अलावा चीनी आधुनिकीकरण शांतिपूर्ण रास्ते पर चलता है, जो इतिहास में पश्चिमी देशों के उपनिवेश और युद्ध के लूटपाट से एकदम अलग है। इसके विपरीत चीनी आधुनिकीरण पूरे विश्व के लिए द्वार खोलने का आधुनीकरण है। चीन मानवता के साझे भविष्य वाले समुदाय के निर्माण में लगा है। चीन ने वैश्विक विकास पहल, वैश्विक सुरक्षा पहल, वैश्विक सभ्यता पहल और वैश्विक शासन पहल प्रस्तुत की। चीन सक्रियता से इन पहलों को लागू कर रहा है।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)