Site icon Dainik Savera Times

आइए, हम एक साथ महासागर का संरक्षण करें!

अपने 63वें सत्र में, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 8 जून को हर साल विश्व महासागर दिवस मनाने का निर्णय लिया। इस दिन का उद्देश्य समुद्री पर्यावरण संरक्षण में जन जागरूकता और भागीदारी बढ़ाना तथा जलीय संसाधनों के सतत प्रबंधन को बढ़ावा देना है।

संयुक्त राष्ट्र ने साल 2009 में पहले विश्व महासागर दिवस के लिए “हमारा महासागर, हमारी जिम्मेदारी” थीम पेश की। तब से, हर साल एक अनूठी थीम चुनी जाती है। इस वर्ष की थीम “नई गहराई को जगाओ” है, जिसका उद्देश्य महासागर के प्रति लोगों की समझ, सहानुभूति, सहयोग और प्रतिबद्धता को बढ़ाना है।

महासागर की सुरक्षा के महत्व को व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त है। यह पृथ्वी के पारिस्थितिक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है और मानव अस्तित्व और विकास को सीधे प्रभावित करता है। महासागर पृथ्वी की सतह के 70 प्रतिशत से अधिक हिस्से को कवर करते हैं, और सभी जीवित प्राणी उन पर निर्भर हैं।

महासागर पृथ्वी की कम से कम 50 प्रतिशत ऑक्सीजन का उत्पादन करते हैं। दुनिया भर में 1 अरब से अधिक लोग प्रोटीन के अपने प्राथमिक स्रोत के रूप में समुद्र पर निर्भर हैं। महासागर वैश्विक अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, अनुमान है कि 2030 तक समुद्री उद्योग में 4 करोड़ लोगों को रोजगार मिलेगा।

महासागर के महत्व को देखते हुए, इसे संरक्षित करना अनिवार्य है। वर्तमान में, बड़ी मछलियों की लगभग 90 प्रतिशत आबादी गायब हो गई है, और 50 प्रतिशत प्रवाल भित्तियाँ (कोरल रीफ़) नष्ट हो गई हैं। महासागर उन संसाधनों की भरपाई नहीं कर सकता है जिन्हें हम उससे निकालते हैं, इसलिए स्थायी संसाधन प्रबंधन स्थापित करने के प्रयासों की आवश्यकता है।

एक प्रमुख समुद्री राष्ट्र के रूप में, चीन प्रकृति के साथ सामंजस्य में आधुनिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए समुद्री संसाधनों का प्रभावी ढंग से उपयोग और संरक्षण करने के महत्व को पहचानता है। चीन संयुक्त राष्ट्र की पहल, क्षेत्रीय समुद्री शासन व्यवस्था और संबंधित विनियमों को सक्रिय रूप से लागू करता है। चीन ने अन्य समुद्री राष्ट्रों के साथ व्यापक रूप से सहयोग किया है और समुद्री संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

 (साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

Exit mobile version