स्थानीय समय के अनुसार 23 नवंबर को, चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग जोहान्सबर्ग में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ से मिले। ली छ्यांग ने कहा कि 53 साल पहले राजनयिक सम्बंध बनने के बाद से, चीन और जर्मनी ने लगातार बातचीत और सहयोग को मज़बूत किया है, जिससे दोनों देशों के समान विकास को असरदार तरीके से बढ़ावा मिला है। इस साल मई में, राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने चांसलर मर्ज़ से बात की, और दोनों देशों के रिश्तों को और गहरा करने का रास्ता दिखाया। चीन-जर्मनी रिश्तों में आपसी सम्मान ही सिद्धांत है, सहयोग और साझी जीत ही बुनियाद है।
चीन और जर्मनी के बीच एक स्थिर, टिकाऊ और उच्च गुणवत्ता वाली व्यापक रणनीतिक साझेदारी बनाना दोनों देशों के लोगों के बुनियादी फ़ायदों में है। चीन जर्मनी के साथ रणनीतिक संचार को मज़बूत करने, एक-दूसरे के मुख्य हितों और बड़ी चिंताओं का सम्मान करने, दोनों देशों के रिश्तों के विकास के लिए राजनीतिक आधार को मज़बूत करने, अलग-अलग क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने और दोनों देशों के रिश्तों के विषयों को लगातार समृद्ध बनाने को तैयार है।
मर्ज़ ने कहा कि राजनयिक सम्बंध बनने के बाद से जर्मनी-चीनी सम्बंध अच्छे से विकसित हुए हैं, जिसमें आर्थिक और व्यापारिक सम्बंध तेज़ी से मज़बूत हुए हैं और अलग-अलग क्षेत्रों में फ़ायदेमंद सहयोग हुआ है। जर्मनी और चीन लंबे समय से एक-दूसरे के अहम आर्थिक और व्यापारिक साझेदार रहे हैं और दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक अनुपूरकताएं हैं। जर्मनी चीन के साथ सम्बंधों को अहमियत देता है और मानता है कि चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना जर्मनी और यूरोपीय संघ दोनों के लिए मौके लाएगी। जर्मनी खुला रवैया बनाए रख कर आपसी राजनीतिक और आर्थिक सम्बंधों को गहरा करने, वार्तालाप और आवाजाही को मज़बूत करने, और साइंस तथा टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं को तलाशने के लिए तैयार है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

