Last Updated: October 7, 2026

Dainik Savera Times Logo

ली छ्यांग ने 2025 राष्ट्रीय पारिस्थितिकी दिवस मुख्य कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में भाग लिया

August 16, 2025

ली छ्यांग ने 2025 राष्ट्रीय पारिस्थितिकी दिवस मुख्य कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में भाग लिया

चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने 15 अगस्त को पेइचिंग में 2025 राष्ट्रीय पारिस्थितिकी दिवस मुख्य कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह और “स्वच्छ जल और हरे-भरे पहाड़ अमूल्य संपत्ति हैं” की अवधारणा के कार्यांवयन पर एक संगोष्ठी में भाग लिया। उन्होंने नए युग में चीनी विशेषताओं वाले समाजवाद पर शी चिनफिंग के विचारों के मार्गदर्शन का पालन करने, पारिस्थितिक सभ्यता पर शी चिनफिंग के विचारों को पूरी तरह से लागू करने, “स्वच्छ जल और हरे-भरे पहाड़ अमूल्य संपत्ति हैं” की अवधारणा को दृढ़ता से स्थापित करने और उसका पालन करने, और स्वच्छ जल और हरे-भरे पहाड़ों के निर्माण के लिए कड़ी मेहनत करने, और मूल्यवान संपत्तियों के विस्तार के लिए हरित विकास का उपयोग करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि नए युग में पारिस्थितिक सभ्यता के निर्माण में एक नया अध्याय लिखने का प्रयास किया जा सके।

ली छ्यांग ने कहा कि “स्वच्छ जल और हरे-भरे पहाड़ अमूल्य संपत्ति हैं” की अवधारणा के प्रस्तावित होने के बाद से 20 वर्षों में, इसका सैद्धांतिक विषय और व्यावहारिक अनुप्रयोग निरंतर गहन और विस्तारित हुए हैं, और पूरी पार्टी और समाज की सहमति और कार्रवाई बन गए हैं। इस महत्वपूर्ण अवधारणा ने चीन के पारिस्थिति सभ्यता निर्माण में ऐतिहासिक और समग्र परिवर्तन लाए हैं, जिससे विश्व-प्रसिद्ध हरित विकास चमत्कार रचा गया। इस महत्वपूर्ण अवधारणा ने वैश्विक सतत् विकास और पारिस्थितिक सभ्यता के लिए एक चीनी दृष्टिकोण और समाधान प्रदान किया है।

ली छ्यांग ने बताया कि चीन का आर्थिक और सामाजिक विकास त्वरित हरितीकरण और निम्न-कार्बन विकास के साथ उच्च-गुणवत्ता वाले विकास के चरण में प्रवेश कर चुका है, और हमें पारिस्थितिकी और हरित विकास को प्राथमिकता देने के मार्ग पर अडिग रहना चाहिए। हमें हरे-भरे पहाड़ और स्वच्छ जल बनाने के लिए और अधिक प्रयास करने चाहिए, प्रदूषण के विरुद्ध लड़ाई जारी रखनी चाहिए, पारिस्थितिक तंत्रों की विविधता, स्थिरता और सततता में सुधार पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, और देश की पारिस्थितिक सुरक्षा को प्रभावी ढंग से मजबूत करना चाहिए। हमें हरित विकास के माध्यम से अपनी संपदा को अधिकतम करना होगा, भूमि विकास और संरक्षण को निरंतर अनुकूलित करना होगा, उद्योगों के हरित और निम्न-कार्बन परिवर्तन को दृढ़तापूर्वक बढ़ावा देना होगा, और उच्च तकनीकी सामग्री, कम संसाधन खपत और कम पर्यावरणीय प्रदूषण वाले औद्योगिक ढाँचे के निर्माण में तेज़ी लानी होगी। हमें दृढ़ और व्यावहारिक उपायों के साथ वैश्विक पारिस्थितिक सभ्यता के विकास को सक्रिय रूप से बढ़ावा देना होगा, पारिस्थितिक पर्यावरण की रक्षा के लिए सभी पक्षों के साथ मिलकर काम करना होगा, जलवायु परिवर्तन का समाधान करना होगा, और वैश्विक सतत् विकास को संयुक्त रूप से बढ़ावा देना होगा।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

ये भी पढ़ें : संसद में हंगामे पर किरेन रिजिजू का विपक्ष पर हमला, बोले- जनता नाराज है, सत्ता में नहीं आ पाएंगे

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें