Social Media Ban: मलेशिया सरकार ने बच्चों को ऑनलाइन खतरों से सुरक्षित रखने के लिए एक अहम कदम उठाया है। आपको बता दें कि 1 जून 2026 से देश में नए नियम लागू होने जा रहे हैं, जिनके तहत 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया अकाउंट बनाना मुश्किल हो जाएगा। सरकार का मकसद है कि कम उम्र के यूजर्स को इंटरनेट पर मौजूद हानिकारक और अनुचित कंटेंट से दूर रखा जा सके।
सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी बढ़ेगी
नए नियमों के तहत अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि बच्चे आसानी से अकाउंट न बना सकें। मलेशिया के कम्युनिकेशंस एंड मल्टीमीडिया कमीशन (MCMC) के अनुसार, नियमों का पालन कराने की पूरी जिम्मेदारी कंपनियों पर होगी।
इसके साथ ही कंपनियों को कंटेंट की निगरानी मजबूत करनी होगी, यूजर्स की शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई करनी होगी और विज्ञापनों की सही जांच भी करनी होगी। किसी भी तरह के बदले या एडिट किए गए कंटेंट को साफ तौर पर दिखाना भी जरूरी होगा।
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बच्चों की सुरक्षा पर फोकस
पिछले कुछ वर्षों में मलेशिया में साइबर क्राइम, ऑनलाइन ठगी, साइबर बुलिंग और बच्चों से जुड़े गलत कंटेंट के मामले बढ़े हैं। इसी वजह से सरकार ने सोशल मीडिया पर निगरानी और सख्त करने का फैसला लिया है। सरकार का मानना है कि बच्चों को ऑनलाइन जुआ, फ्रॉड, उत्पीड़न और भड़काऊ सामग्री से दूर रखना जरूरी है ताकि वे सुरक्षित डिजिटल माहौल में रह सकें।
उम्र की पुष्टि के लिए नया सिस्टम
मलेशिया जल्द ही एज वेरिफिकेशन सिस्टम लागू करने की तैयारी में है, जिसके तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को यूजर्स की उम्र की पुष्टि करनी पड़ सकती है। हालांकि, यह व्यवस्था लागू करना आसान नहीं होगा क्योंकि इससे प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा को लेकर सवाल उठ सकते हैं।
दुनिया भर में बढ़ रही सख्ती
मलेशिया अकेला देश नहीं है जो इस दिशा में कदम उठा रहा है। ऑस्ट्रेलिया में भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया को लेकर कड़े नियम लागू किए गए हैं। वहीं, कई यूरोपीय देशों और अमेरिका के कुछ हिस्सों में भी इसी तरह की नीतियां बनाई जा रही हैं। भारत में भी कुछ राज्यों ने बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर नियंत्रण की कोशिशें शुरू की हैं।
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टेक कंपनियों पर असर
नए नियमों का सीधा असर Meta, TikTok, YouTube और X जैसी बड़ी कंपनियों पर पड़ेगा। इन्हें अपने प्लेटफॉर्म्स पर नए नियमों के अनुसार बदलाव करने होंगे। दक्षिण-पूर्व एशिया में बड़ी संख्या में युवा यूजर्स मौजूद हैं, इसलिए यह बाजार टेक कंपनियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। लेकिन अब बढ़ते नियम उनके लिए नई चुनौतियां भी खड़ी कर रहे हैं।

