उन्होंने चीन के आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप के प्रति भी अपना विरोध व्यक्त किया है और राष्ट्रीय पुनर्एकीकरण प्राप्त करने के उद्देश्य से चीन की पहल के लिए समर्थन दिखाया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस बात पर जोर दिया कि थाइवान पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना का अभिन्न अंग है।
इसी तरह, मालदीव के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि मालदीव थाइवान की स्वतंत्रता को बढ़ावा देने वाली किसी भी कार्रवाई का विरोध करता है और थाइवान के साथ आधिकारिक संबंधों में शामिल नहीं होगा। वहीं, श्रीलंका के विदेश मंत्री अली साबरी ने पुष्टि की कि श्रीलंका एक चीन सिद्धांत का समर्थन करता है और चीन के शांतिपूर्ण पुनर्मिलन की आशा करता है।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

