Last Updated: September 25, 2026

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Middle East conflict 2026: ईरान में सबसे ज्यादा तबाही, 1200 से ज्यादा मौतें; लेबनान- इराक और सीरिया भी प्रभावित

March 10, 2026

Middle East conflict 2026: ईरान में सबसे ज्यादा तबाही, 1200 से ज्यादा मौतें; लेबनान- इराक और सीरिया भी प्रभावित

नेशनल डेस्क: मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ संघर्ष अब कई देशों तक फैल गया है। इस युद्ध में अब तक हजारों लोग प्रभावित हुए हैं और 9 मार्च तक सामने आए आंकड़ों के अनुसार सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा नुकसान ईरान में हुआ है।

ईरान में सबसे ज्यादा मौतें

गैर-लाभकारी संगठन ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के मुताबिक ईरान में अब तक कम से कम 1230 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में 175 स्कूली छात्राएं और स्कूल स्टाफ भी शामिल हैं। ये सभी लोग युद्ध के पहले दिन दक्षिणी ईरान के मीनाब शहर के एक प्राथमिक स्कूल पर हुए मिसाइल हमले में मारे गए थे।

इसके अलावा ईरानी सेना ने बताया कि श्रीलंका के तट के पास एक अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा ईरान के एक युद्धपोत को डुबोने की घटना में भी कम से कम 104 लोगों की मौत हुई। हालांकि यह संख्या रेड क्रिसेंट द्वारा जारी कुल मौतों के आंकड़े में शामिल नहीं की गई है।

लेबनान में भी भारी नुकसान

ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का असर लेबनान में भी साफ दिखाई दे रहा है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इजरायली हवाई हमलों में अब तक कम से कम 486 लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार हो रहे एयरस्ट्राइक के कारण वहां हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं।

इराक में भी हुईं कई मौतें

Iraq में भी इस संघर्ष का असर पड़ा है। पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार अब तक कम से कम 15 लोगों की जान जा चुकी है। 5 मार्च को हुए एक एयरस्ट्राइक में ईरान समर्थित संगठन इराक में इस्लामी प्रतिरोध (Islamic Resistance in Iraq) के एक कमांडर की भी मौत हो गई। बताया गया कि यह हमला उनके वाहन को निशाना बनाकर किया गया था।

इजरायल में भी नागरिकों की मौत

Israel में भी इस युद्ध का असर देखा गया है। इजरायली सेना के अनुसार दक्षिणी लेबनान में दो सैनिकों की मौत हुई है। यह हमला हिज़्बुल्लाह द्वारा ईरान के समर्थन में किया गया था। इसके अलावा इजरायल में 11 नागरिकों की भी मौत हुई। इनमें से 9 लोग 1 मार्च को Beit Shemesh के पास ईरान के मिसाइल हमले में मारे गए। यह जानकारी इजरायल की एंबुलेंस सेवा मैगन डेविड एडम ने दी।

अमेरिका और सीरिया में भी असर

संयुक्त राज्य अमेरिका की सेना के अनुसार इस युद्ध से जुड़े सैन्य अभियानों में 7 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है।वहीं Syria में 28 फरवरी को सुवेदा शहर की एक इमारत पर ईरानी मिसाइल गिरने से 4 लोगों की मौत हुई। यह जानकारी सीरिया की सरकारी समाचार एजेंसी सीरियाई अरब समाचार एजेंसी ने दी।

खाड़ी देशों में भी हमलों का असर

खाड़ी क्षेत्र के देशों में भी इस युद्ध का असर देखा गया है। संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय के अनुसार ईरान के हमलों में 4 लोगों की मौत हुई। वहीं Saudi Arabia के Al-Kharj शहर में एक रिहायशी इलाके में प्रोजेक्टाइल गिरने से 2 लोगों की जान चली गई।

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