इंटरनेशनल डेस्कः रविवार को अरब सागर में एक बड़ा समुद्री बचाव अभियान शुरू किया गया, जब ओमान के रास अल हद से लगभग 80 नॉटिकल मील दूर भारतीय चालक दल वाला ढो MSV विराट 1 डूबने लगा। अमेरिकी नौसेना के P-8 समुद्री गश्ती विमान ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जहाज के पास एक लाइफ राफ्ट गिराया और पूरे बचाव अभियान के दौरान हवाई निगरानी बनाए रखी।
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जानकारी के अनुसार, विमान ने पूरे ऑपरेशन पर नजर रखी और पुष्टि की कि सभी 14 नाविक सुरक्षित रूप से लाइफ राफ्ट पर सवार हो गए हैं। अमेरिकी नौसेना से प्राप्त इनपुट के मुताबिक, समुद्र में आपात स्थिति पैदा होने के बाद जहाज पर मौजूद सभी 14 भारतीय क्रू सदस्य सफलतापूर्वक जहाज छोड़ने में कामयाब रहे। संकट का संकेत मिलने के बाद भारतीय नौसेना के जहाजों को तत्काल घटनास्थल की ओर रवाना किया गया। इस बीच, सेंट किट्स एंड नेविस के झंडे के तहत संचालित व्यापारी जहाज MV जबल अली 9 ने भी अपना मार्ग बदलकर घटनास्थल की ओर बढ़ना शुरू कर दिया। जहाज से मिली जानकारी के अनुसार, सभी 14 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं और लाइफ राफ्ट पर मौजूद हैं, जबकि बचाव दल लगातार मौके पर पहुंच रहे हैं।
खाड़ी में समुद्री सुरक्षा को लेकर बढ़ा तनाव
खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर तनाव उस समय और बढ़ गया जब 4 दिनों के भीतर ओमान के निकट अलग-अलग घटनाओं में 3 व्यापारी जहाजों को निशाना बनाया गया। इन जहाजों पर बड़ी संख्या में भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। ये घटनाएं मध्य पूर्व में जारी क्षेत्रीय तनाव के बीच सामने आई हैं। पहली घटना 8 जून को हुई, जब पलाऊ के झंडे के तहत संचालित टैंकर MT मैरिवेक्स पर ओमानी तट के पास हमला हुआ। जहाज पर सवार सभी 24 चालक दल के सदस्य भारतीय नागरिक थे। बाद में ओमानी अधिकारियों ने सभी नाविकों को सुरक्षित बचाकर एयरलिफ्ट किया।
इसके बाद 10 जून को उसी क्षेत्र में पलाऊ के झंडे वाले एक अन्य टैंकर MT सेटेबेलो को निशाना बनाया गया। जहाज पर 24 क्रू सदस्य सवार थे। अधिकांश लोगों को बचा लिया गया, लेकिन इस घटना में तीन चालक दल के सदस्यों की मौत हो गई। 11 जून को तीसरी घटना में गिनी-बिसाऊ के झंडे वाला टैंकर MT जलवीर शामिल था, जिस पर 20 भारतीय नाविक सवार थे। रिपोर्टों के अनुसार, तेहरान और वाशिंगटन के बीच जारी तनाव से जुड़े एक सैन्य अभियान के दौरान जहाज को निशाना बनाया गया। हालांकि, हमले के बाद सभी क्रू सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
जयशंकर ने मार्को रुबियो से की बातचीत
इन घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को कहा कि उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बात की है। बातचीत के दौरान जयशंकर ने भारत की चिंताओं से उन्हें अवगत कराया और भारतीय चालक दल वाले जहाजों से जुड़ी घटनाओं पर विरोध दर्ज कराया। सूत्रों के अनुसार, रुबियो ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में संचालित अमेरिकी सैन्य बलों द्वारा जारी निर्देशों का सभी वाणिज्यिक जहाजों को तत्काल पालन करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी नाकाबंदी का किसी भी प्रकार का उल्लंघन या ईरानी तेल के अवैध परिवहन में संलिप्तता स्वीकार नहीं की जाएगी।
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