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यूक्रेन संकट के लिए नाटो चीन को दोषी नहीं ठहरा सकता

July 13, 2024

यूक्रेन संकट के लिए नाटो चीन को दोषी नहीं ठहरा सकता

हाल ही में, वाशिंगटन में नाटो शिखर सम्मेलन में रूस-यूक्रेन संघर्ष के लिए चीन पर अनुचित रूप से आरोप लगाया गया। यह एक स्पष्ट “दोष-स्थानांतरण” व्यवहार है। वास्तव में, चीन न तो यूक्रेन संकट का सृजक है और न ही संघर्ष का एक पक्ष है। चीन ने हमेशा शांति वार्ता और राजनीतिक समाधान को बढ़ावा देने के रुख का पालन किया है।
शीत युद्ध के उत्पाद के रूप में, नाटो न केवल शीत युद्ध की समाप्ति के साथ समाप्त हुआ, बल्कि अमेरिका के नेतृत्व में पूर्व की ओर विस्तार करना जारी रखा और रूस के सुरक्षा स्थान को निचोड़ लिया। यह रूस-यूक्रेन संघर्ष का मूल कारण है। रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष छिड़ने के बाद अमेरिका और पश्चिम देशों ने आग में घी डालना जारी रखा, यूक्रेन को सैन्य सहायता प्रदान की और रूस पर प्रतिबंध लगाए, जिससे संघर्ष आज भी जारी है।

अपनी ज़िम्मेदारियों को छुपाने के लिए नाटो ने चीन को “बलि के बकरे” के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश की और चीन पर रूस का समर्थन करने का आरोप लगाने के लिए झूठी कहानियां गढ़ीं। हालांकि, ये आरोप निराधार हैं। चीन ने हमेशा हथियारों के निर्यात पर सख्ती से नियंत्रण रखा है और संघर्ष के किसी भी पक्ष को घातक हथियारों को प्रदान नहीं किया। इसके विपरीत चीन ने सक्रिय रूप से शांति वार्ता को बढ़ावा देने और संकट के राजनीतिक समाधान को बढ़ावा देने में रचनात्मक भूमिका निभाई है।


वाशिंगटन और नाटो को दूसरों को दोष देना बंद करना चाहिए और परिस्थिति को कम करने को बढ़ावा देना चाहिए। चीन एक जिम्मेदार प्रमुख देश के रूप में अपनी भूमिका निभाना जारी रखना चाहता है। इस संकट के समाधान के लिए सभी प्रमुख देशों को नकारात्मक ऊर्जा के बजाए सकारात्मक ऊर्जा का प्रयोग करना चाहिए। नाटो को यूक्रेन संकट में दूसरे देशों पर अनर्गल आरोप लगाने के बजाय अपनी ज़िम्मेदारियों का सामना करना चाहिए।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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