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Nepal tragedy: विनाशकारी बाढ़ ने 469 लोगों की सुला दिया मौत की नींद, 977 लोग अब भी लापता

Nepal flood death toll rises 469

Nepal flood death toll rises 469

काठमांडू: नेपाल के भोटेकोसी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 469 हो गई है जबकि 977 लोग अभी भी लापता हैं। यह जानकारी नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) ने शुक्रवार को जारी की।

माना जा रहा है कि यह बाढ़ नेपाल और चीन की सीमा के बीच बहने वाली एक अंतरराष्ट्रीय नदी में ऊपर की ओर हुए हिमस्खलन के कारण आई। इससे भोटेकोसी नदी के किनारे के निचले इलाकों में भारी तबाही मची है। बाढ़ के तेज बहाव में कई बस्तियां, सड़कें, जलविद्युत परियोजनाएं, बिजली प्रसारण ढांचा और अन्य सुविधाएं बह गईं।

अब तक 469 शव बरामद किए जा चुके

एनडीआरआरएमए के अनुसार, विभिन्न जिलों से अब तक 469 शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा 178 शव चितवन जिले से मिले हैं। इसके बाद नवलपरासी पूर्व में 110, गोरखा में 44, नुवाकोट में 37, तनहुन में 28, नवलपरासी पश्चिम में 27, धाडिंग में 23 और रसुवा में 12 शव बरामद किए गए हैं। प्राधिकरण के अनुसार, जिन 977 लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है, उनमें 517 विदेशी नागरिक शामिल हैं।

भारत के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार रात बताया था कि भोटेकोसी नदी में आई इस आपदा के बाद 290 भारतीय नागरिक अब भी लापता हैं। अमेरिका ने कहा है कि करीब 90 अमेरिकी नागरिक इस बाढ़ से प्रभावित हो सकते हैं, जबकि चीन के अनुसार बुधवार को हुए भूस्खलन के बाद नेपाल की तरफ लगभग 100 चीनी नागरिक अब भी लापता हैं। लापता लोगों में विदेशों में रहने वाले 127 नेपाली नागरिक भी शामिल हैं।

अथॉरिटी के अनुसार, संपर्क से बाहर लोगों में नेपाल पुलिस के 28 जवान, नेपाल सेना के 45 जवान, आर्म्ड पुलिस फोर्स के 13 जवान, कस्टम ऑफिस के 15 कर्मचारी और इमिग्रेशन ऑफिस के चार कर्मचारी शामिल हैं। अथॉरिटी ने बताया कि इस आपदा में अब तक 73 लोग घायल हुए हैं। जिनमें रसुवा में 43, धाडिंग में तीन और नुवाकोट में 27 लोग शामिल हैं।

राहत कार्यों के लिए 13,295 सुरक्षाकर्मी तैनात

बचाव और राहत कार्यों के लिए 13,295 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इनमें नेपाल पुलिस, नेपाली सेना और सशस्त्र पुलिस बल के जवान शामिल हैं। अब तक बचाव दलों ने 3,253 लोगों को सुरक्षित निकाला है। फंसे हुए लोगों को निकालने और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने राहत सामग्री वितरित करने या बचाव कार्य में मदद करने के इच्छुक लोगों और संगठनों से अपील की है कि वे पहले अपने संबंधित जिले के जिला प्रशासन कार्यालय से संपर्क करें और आवश्यक समन्वय के बाद ही राहत सामग्री भेजें। पीएमओ ने कहा, “संबंधित मुख्य जिला अधिकारी (सीडीओ) का कार्यालय क्षेत्र की जरूरतों और प्राथमिकताओं के अनुसार राहत सामग्री सीधे प्रभावित इलाकों तक पहुंचाने की समन्वित व्यवस्था करेगा।”

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, हाल के दिनों में कई लोग और संगठन बिना पूर्व समन्वय के छोटे निजी वाहनों में सीमित मात्रा में राहत सामग्री लेकर प्रभावित क्षेत्रों की ओर पहुंच रहे हैं। सरकार का कहना है कि इससे सड़कों पर भारी जाम लग रहा है। इसके कारण आपातकालीन मरीजों को ले जा रही एम्बुलेंसों की आवाजाही प्रभावित हुई है। साथ ही, सरकार की मुख्य बचाव टीमों और प्राथमिकता वाले राहत वाहनों को भी समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है।

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