काठमांडू: नेपाल इन दिनों गहरे राजनीतिक संकट और सामाजिक उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुए युवाओं के विरोध प्रदर्शन अब हिंसक रूप ले चुके हैं। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद भी हालात नहीं सुधरे हैं, बल्कि और अधिक तनावपूर्ण होते जा रहे हैं।
बांके जिले के नौबस्ता जेल और किशोर सुधार गृह में सोमवार देर रात हिंसा भड़क गई, जहां कैदियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई झड़प में पांच लोगों की मौत हो गई। सुरक्षाबलों द्वारा की गई फायरिंग में सात लोग घायल भी हुए, जिन्हें भेरी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहीं, 149 कैदी और 76 बंदी फरार हो गए हैं।
स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए नेपाल आर्मी को सड़कों पर उतारा गया है। देश के कई बड़े शहरों में सेना की तैनाती के साथ-साथ कर्फ्यू भी लागू कर दिया गया है। रात्रि कर्फ्यू शाम 5 बजे से सुबह 6 बजे तक प्रभावी रहेगा।

चितवन की सरकारी इमारतों में आगजनी
चितवन जिले में हालात और भी भयावह हो गए हैं। उग्र प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन कार्यालय, चुनाव आयोग, अदालत, भूमि राजस्व कार्यालय और सरकारी वकील के दफ्तर में आग लगा दी। भरतपुर नगर निगम के कार्यालय और कई वार्ड ऑफिस भी प्रदर्शनकारियों के निशाने पर रहे।
स्थानीय राजनीतिक दलों जैसे नेपाली कांग्रेस, यूएमएल और माओवादी केंद्र के दफ्तरों पर भी हमला हुआ। भरतपुर स्थित भाटभटेनी सुपरमार्केट में लगी भीषण आग को बुझाने में अग्निशमन दल को पूरी रात मशक्कत करनी पड़ी।
VIDEO | Kathmandu: Latest visuals show empty streets and burned-out buildings a day after Nepalese Prime Minister KP Sharma Oli resigned amid massive anti-government protests.#Nepal
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/Izx4clDx6Q
— Press Trust of India (@PTI_News) September 10, 2025
काठमांडू का एयरपोर्ट बंद
प्रधानमंत्री ओली के इस्तीफे के बाद राजधानी काठमांडू में हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। सड़कों पर सन्नाटा पसरा है और कई सरकारी इमारतें जली हुई हालत में दिखाई दे रही हैं। सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा दोपहर 12 बजे तक के लिए बंद कर दिया गया है।
नेपाली Gen-Z प्रदर्शनकारियों से र्मी चीफ की मुलाकात
स्थिति को संभालने के लिए नेपाल सेना को काठमांडू, पोखरा, चितवन और अन्य प्रमुख शहरों में तैनात कर दिया गया है। सेना आम लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रही है। सेना ने तनाव कम करने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी शुरू कर दी है। सेना प्रमुख ने रात के समय Gen-Z आंदोलनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी मांगें सुनीं। सूत्रों के अनुसार, आज राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और प्रदर्शनकारी युवाओं के बीच सेना की मध्यस्थता में बातचीत कराई जा सकती है।
भारत पर भी पड़ सकता है असर, सीमा पर बढ़ी सतर्कता
नेपाल की बिगड़ती स्थिति का असर भारत पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। भारत-नेपाल सीमा से लगे उत्तर प्रदेश और बिहार के जिलों में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। सशस्त्र सीमा बल (SSB), यूपी और बिहार पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई उपद्रवी तत्व सीमा पार अशांति फैलाने में सफल न हो पाए।