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ईरान के खिलाफ संघर्ष में दें यूएस-इजरायल का साथ… नेतन्याहू की दुनिया से अपील

Netanyahu

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इंटरनेशनल डेस्क। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दुनिया से अमेरिका और इजरायल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने की अपील की है। नेतन्याहू ने आरोप लगाया कि ईरान आम लोगों को निशाना बना रहा है।

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उन्होंने यह बात इजरायल के शहर अराद में कही, जहां शनिवार रात ईरान ने मिसाइल दागे थे। नेतन्याहू ने कहा कि “अगर आपको इस बात का सबूत चाहिए कि ईरान पूरी दुनिया के लिए खतरा है, तो पिछले 48 घंटों ने वह सबूत दे दिया है। पिछले 48 घंटों में, ईरान ने आम नागरिक इलाके को निशाना बनाया। खुशकिस्मती से, कोई मारा नहीं गया, लेकिन ऐसा किस्मत की वजह से हुआ, न कि उनके इरादे की वजह से। उनका इरादा आम नागरिकों की हत्या करना है।”

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दुनिया के नेताओं से आग्रह किया कि वो ईरान के खिलाफ इजरायल-अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभियान में शामिल हों। उन्होंने तेहरान के उस हमले का जिक्र किया जिसमें डिएगो गार्सिया आइलैंड को निशाना बनाया गया। हिंद महासागर में यह यूके-यूएस का सैन्य अड्डा है। उन्होंने कहा कि ईरान ने डिएगो गार्सिया पर एक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल दागी… अब उनके पास यूरोप के अंदर तक पहुंचने की क्षमता है।

नेतन्याहू ने तेहरान पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाते हुए आगे कहा कि वे हर किसी को अपने निशाने पर ले रहे हैं और एक समुद्री अंतरराष्ट्रीय मार्ग, ऊर्जा मार्ग को रोक पूरी दुनिया को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका इशारा ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अवरुद्ध करने की ओर था, जो तेल की आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है। उन्होंने आगे कहा कि अब समय आ गया है कि बाकी देशों के नेता भी इस अभियान में शामिल हों। नेतन्याहू ने दावा किया कि कुछ देश इस अभियान में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे कौन से देश हैं या वे किस क्षमता से शामिल होंगे, लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि “अभी और अधिक समर्थन की आवश्यकता है।”

दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अंतरराष्ट्रीय समर्थन की कमी का लेकर बार-बार जिक्र कर रहे हैं। नेतन्याहू ने यरुशलम में पवित्र स्थलों के पास ईरान द्वारा किए गए हालिया हमलों की भी निंदा की है। उन्होंने कहा कि उन्होंने यरुशलम पर हमला किया, ठीक तीन एकेश्वरवादी धर्मों के पवित्र स्थलों के बगल में: वेस्टर्न वॉल, चर्च ऑफ द होली सेपल्चर, और अल-अक्सा मस्जिद। यह चमत्कार ही है कि उनमें से किसी को भी नुकसान नहीं पहुंचा।

जब एक मीडिया कर्मी ने उनसे पूछा कि इजरायली नागरिकों पर ईरान के हमलों के प्रति उनकी क्या प्रतिक्रिया होगी, तो प्रधानमंत्री ने जवाब दिया कि हम पूरी ताकत से जवाब दे रहे हैं, लेकिन नागरिकों को निशाना नहीं बना रहे हैं। हम उस शासन को निशाना बना रहे हैं। हम आईआरजीसी को निशाना बना रहे हैं—यह एक आपराधिक गिरोह है—और हम उन्हें व्यक्तिगत रूप से निशाना बना रहे हैं: उनके नेताओं को, उनकी सैन्य ठिकानों को, और उनकी आर्थिक संपत्तियों को। हम उन पर बहुत सख्ती से कार्रवाई कर रहे हैं।

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