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भारत-चीन के बीच दोस्ती की नई उड़ान

November 11, 2025

भारत-चीन के बीच दोस्ती की नई उड़ान

एशिया की दो बड़ी महाशक्तियां और पड़ोसी चीन एवं भारत के रिश्तों में बढ़ती गरमाहट तेजी से बढ़ रही है। दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानों की जिस तेजी से बहाली हो रही है, उससे साफ है कि दोनों देश अपने रिश्तों की गाड़ी को तेजी से पटरी पर लाने और एक-दूसरे के नागरिकों, कारोबारियों और छात्रों की आवाजाही को अहमियत दे रहे हैं। कोलकाता से ग्वांगझू के बाद अब दिल्ली से शांगहाई के लिए सीधी उड़ान सेवा शुरू हो गई है। यह उड़ान सेवा एक दिन बीच लगाकर जारी रहेगी।

भारत में चीन के प्रमुख व्यवसायिक शहर शांगहाई की अहमियत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि करीब डेढ़ दशक पहले भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई को शांगहाई की तर्ज पर विकसित करने का ऐलान किया था। यह बात और है कि शांगहाई और मुंबई के बीच अभी सीधी विमान सेवा नहीं है। लेकिन नौ नवंबर के दिन चीन की चाइना ईस्टर्न कंपनी ने उड़ान शुरू की है। 26 अक्टूबर को भारत के तीसरे बड़े शहर कोलकाता से चीन के कारोबारी केंद्र ग्वांगझू के लिए भारतीय विमानन कंपनी इंडिगो ने उड़ान शुरू कर दी है।   

भारत और चीन के बीच सीधी विमान सेवा को भारत में ‘दोस्ती की उड़ान’ कहा जा रहा है। चीन और भारत के कारोबारियों को नजदीक लाने की दिशा में सीधी विमान सेवाएं कारगर होंगी। शांगहाई में भारत के महावाणिज्यदूत प्रतीक माथुर ने इस मौके पर ठीक ही कहा है कि उड़ान सेवाओं के फिर से शुरू होने से दोनों देशों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी का नया युग शुरू होगा। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। जबकि शांगहाई चीन का प्रमुख कारोबारी केंद्र है। प्रतीक माथुर के अनुसार, शांगहाई और दिल्ली के बीच सीधी उड़ान सेवा शुरू होने के बाद शांगहाई की अगुआई में  पूर्वी चीन के व्यापार केंद्र के बीच मजबूत आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा मिलेगा। 

इसमें दो राय नहीं है कि दिल्ली- शांगहाई सीधी उड़ान सेवा से भारत को तेजी से बढ़ते पूर्वी चीन क्षेत्र के करीब आने में मदद मिलेगी। यहां ध्यान देने की बात है कि शांगहाई के ही नजदीक हांग्जो का एआई केंद्र और चीन की कपड़ा राजधानी यिवू और केकियाओ का व्यापारिक केंद्र भी शामिल हैं। शांगहाई पूर्वी चीन का प्रमुख आर्थिक केंद्र है। इस उड़ान से भारत के तेज़ी से बढ़ते बाजार और चीन के व्यापारिक नेटवर्क को जोड़ने में मदद मिलेगी।

दिल्ली से शांगहाई पहुंचे पहली खेप के यात्रियों का शांगहाई में भारत के महावाणिज्य दूत प्रतीक माथुर द्वारा स्वागत किया जाने से ही साबित होता है कि इस सेवा का शुरू होना दोनों देशों के लिए कितना महत्वपूर्ण है।  

यहां यह याद दिलाने की जरूरत नहीं है कि कोविड-19 की महामारी के बाद साल 2020 में दोनों देशों के बीच हवाई सेवाएं बंद कर दी गई थीं। दोनों देशों के बीच हवाई सेवा को जोड़ने के विचार को अक्तूबर 2024 में गति मिली, जब रूस के कज़ान में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की मुलाकात हुई। इस भेंट के दौरान दोनों शीर्ष नेताओं की अगुआई में दोनों देशों के बीच कई अहम निर्णय किए गए थे। तब दोनों शीर्ष नेताओं ने आपसी भरोसा बहाली और दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क बढ़ाने पर सहमति जताई थी। इसके बाद भी कैलाश मानसरोवर यात्रा और हवाई सेवाओं की बहाली जैसे कदम उठाए गए। अब यह उड़ान सेवा दोनों देशों के बीच रिश्तों को सामान्य करने की दिशा में एक ठोस संकेत मानी जा रही है।

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(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)  (लेखक— उमेश चतुर्वेदी)

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