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New Zealand : 700 किलो ड्रग बरामदगी के मामले में बलतेज सिंह का नाम हुआ उजागर, इंदिरा गांधी के हत्यारे से भी है खास नाता

Baltej Singh drug seizure case

Baltej Singh drug seizure case

इंटरनेशनल डेस्कः साल 2023 में न्यूजीलैंड में एक बहुत बड़ा ड्रग्स का मामला सामने आया। जिसमें 700 किलो से ज्यादा मेथामफेटामाइन (खतरनाक नशा) बरामद की गई थी। इस मामले में आरोपी का नाम बलतेज सिंह के रूप में उजागर हुआ है। बलतेज सिंह का नाम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वह भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हत्यारे सतवंत सिंह का भतीजा बताया जाता है।

पहले नाम क्यों छुपाया गया था?
न्यूजीलैंड की अदालत ने पहले बलतेज सिंह की पहचान छुपाने का आदेश दिया था। इसका मतलब था कि वहां की मीडिया उसका नाम सार्वजनिक नहीं कर सकती थी। लेकिन बाद में हाई कोर्ट ने यह रोक हटा दी। कोर्ट का कहना था यह मामला बहुत गंभीर है। इसमें बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह शामिल हो सकते हैं। आरोपी की पहचान पहले ही विदेशी मीडिया में सामने आ चुकी है। इसलिए अब नाम छुपाने की जरूरत नहीं रही।

कैसे सामने आया नाम?
काफी समय तक कानूनी लड़ाई चलती रही। आखिर में बलतेज सिंह ने खुद ही अपने नाम को गोपनीय रखने की अपील वापस ले ली। इसके बाद 28 मार्च को न्यूजीलैंड की मीडिया ने पहली बार उसका नाम सार्वजनिक कर दिया।

क्या है पूरा मामला?
जांच एजेंसियों के अनुसार बलतेज सिंह एक बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़ा था। इस नेटवर्क के जरिए 700 किलो से ज्यादा मेथामफेटामाइन न्यूजीलैंड पहुंचाई गई। इस ड्रग्स की कीमत करीब 180 करोड़ रुपये बताई गई।

ड्रग्स कैसे छिपाकर भेजी जाती थी?
तस्करों ने बहुत चालाकी से ड्रग्स छिपाई थी। कोम्बुचा (एक तरह का पेय), नारियल पानी, बीयर के हजारों कैन में यानी रोजमर्रा के सामान में मिलाकर ड्रग्स भेजी जाती थी, ताकि किसी को शक न हो।

मामला कैसे खुला?
यह मामला 2023 में तब सामने आया जब एक 21 साल के युवक की मौत हो गई। उसने गलती से ऐसा तरल पदार्थ पी लिया जिसमें मेथामफेटामाइन मिला हुआ था। इस घटना के बाद पुलिस और एजेंसियों ने जांच शुरू की और पूरा नेटवर्क सामने आया।

गिरफ्तारी कैसे हुई
बलतेज सिंह को 2023 में ऑकलैंड एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया। वह दुबई भागने की कोशिश कर रहा था।

क्या सजा मिली?
कोर्ट ने बलतेज सिंह को ड्रग तस्करी और गैर-इरादतन हत्या (अनजाने में मौत का कारण बनना)। इन आरोपों में दोषी पाया और उसे 22 साल की जेल की सजा सुनाई। इस मामले में शामिल एक और आरोपी को भी समान सजा दी गई।

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