तेहरान: ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसिन रेजाई ने कहा है कि जब तक ईरान की शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक अमेरिका के साथ किसी तरह की बातचीत नहीं होगी।
रेजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस टिप्पणी के जवाब में दिया, जिसमें ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका ईरान के साथ फिर से बातचीत शुरू करने के लिए तैयार हो सकता है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर दावा किया था कि ईरान कमजोर हो चुका है और वह जल्द से जल्द समझौता करना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा था कि अमेरिका ईरान से बातचीत करेगा या नहीं, इसका फैसला वह खुद करेंगे, हालांकि बातचीत के विचार के लिए अमेरिका तैयार है।
रेजाई ने ट्रंप के बयान पर क्या कहा?
मोहसिन रेजाई ने ट्रंप के बदलते बयानों पर निशाना साधते हुए कहा कि लोगों को अमेरिकी राष्ट्रपति के बयानों से भ्रमित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कभी अमेरिका की ओर से बातचीत से इनकार किया जाता है और कभी बातचीत के लिए तैयार होने की बात कही जाती है। रेजाई के मुताबिक, तेल और समुद्री मार्गों से जुड़े हालात अब बदल चुके हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जब तक ईरान की शर्तें पूरी नहीं होतीं, अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं होगी।
जून में हुआ था समझौता
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, 18 जून को अमेरिका और ईरान ने क्षेत्र में जारी संघर्ष और तनाव को कम करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते में लेबनान समेत क्षेत्र के अलग-अलग मोर्चों पर तनाव कम करने की बात शामिल थी। दोनों देशों को 60 दिनों के भीतर बातचीत करके एक अंतिम समझौते तक पहुंचना था। हालांकि, यह 60 दिनों की समयसीमा 17 अगस्त को खत्म हो चुकी है। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने से बातचीत आगे बढ़ेगी या नहीं, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
ईरान के दक्षिणी तट के पास ड्रोन हमला
इस बीच, सोमवार रात ईरान के दक्षिणी तट के पास दो मछली पकड़ने वाली नौकाओं को ड्रोन हमले में निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई है। अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी मेहर के अनुसार, यह हमला दक्षिणी बंदरगाह शहर कारगन के तट और लारक द्वीप के पास हुआ।
होर्मोजगान प्रांत के राजनीतिक और सुरक्षा मामलों के उप-गवर्नर अहमद नफीसी ने बताया कि घटना के बाद कई मछुआरे लापता हैं। उनकी तलाश के लिए खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि घटना की जांच पूरी होने के बाद इस बारे में और जानकारी दी जाएगी।
होर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकर में विस्फोट
इससे पहले ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने बताया था कि होर्मुज स्ट्रेट पार करने की कोशिश कर रहे एक बड़े तेल टैंकर में विस्फोट के बाद आग लग गई। IRGC की आधिकारिक समाचार सेवा सेपाह न्यूज के मुताबिक, ‘एल गैया’ नाम का सुपर ऑयल टैंकर जलमार्ग के दक्षिणी हिस्से में एक प्रतिबंधित रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान वह नौसैनिक बारूदी सुरंगों से टकरा गया और उसमें विस्फोट हो गया।
नौसेना के अनुसार, आग पर काबू पाने की कोशिश सफल नहीं हुई और पूरा जहाज आग की चपेट में आ गया। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर यह ताजा बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में सैन्य और समुद्री तनाव लगातार बना हुआ है।

