इंटरनेशनल डेस्कः नॉर्थ कोरिया ने गुरुवार को अपने पूर्वी तट से जापान सागर की ओर करीब 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। साउथ कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने इसकी जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, ये मिसाइलें दोपहर करीब 12:30 बजे नॉर्थ कोरिया के वोनसान इलाके से लॉन्च की गईं। लॉन्च के बाद सभी मिसाइलें समुद्र में गिर गईं। इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। साउथ कोरिया और जापान दोनों ही इस घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं।
जापान के रक्षा मंत्रालय ने भी की पुष्टि
जापान के रक्षा मंत्रालय ने भी मिसाइल लॉन्च की पुष्टि की है। मंत्रालय के अनुसार, नॉर्थ कोरिया ने एक ऐसी वस्तु लॉन्च की, जो बैलिस्टिक मिसाइल हो सकती है। यह मिसाइल जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र यानी एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन (EEZ) के बाहर समुद्र में गिरी। जापान कोस्ट गार्ड ने भी पहले जानकारी दी थी कि मिसाइल जैसी वस्तु समुद्र में गिर चुकी है। हालांकि, मिसाइल के जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र के बाहर गिरने की बात सामने आई है, लेकिन इस घटना को सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है।
साउथ कोरिया की सेना अलर्ट, निगरानी बढ़ाई
मिसाइल परीक्षण के बाद साउथ कोरिया की सेना ने निगरानी बढ़ा दी है। सेना किसी भी नए मिसाइल लॉन्च से निपटने के लिए तैयारियां कर रही है। साउथ कोरिया ने अमेरिका और जापान के साथ भी इस घटना से जुड़ी जानकारी साझा की है। तीनों देश क्षेत्र में होने वाली सैन्य गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। इस सहयोग का उद्देश्य किसी भी संभावित खतरे का समय रहते पता लगाना और उससे निपटने की तैयारी करना है।
12 अक्टूबर के बाद फिर किया मिसाइल परीक्षण
जानकारी के मुताबिक, नॉर्थ कोरिया ने 12 अक्टूबर के बाद एक बार फिर बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया है। पिछले महीने सीमा के पास हुए एक बारूदी सुरंग विस्फोट में साउथ कोरिया के सैनिक घायल हुए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था। ऐसे में नॉर्थ कोरिया का यह नया मिसाइल परीक्षण क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा सकता है।
इस साल कई बार मिसाइल परीक्षण कर चुका है नॉर्थ कोरिया
नॉर्थ कोरिया इस साल अब तक 10 से ज्यादा मौकों पर मिसाइल परीक्षण कर चुका है। देश लंबे समय से अपनी मिसाइल और सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने में जुटा है। वोनसान नॉर्थ कोरिया के पूर्वी तट पर स्थित एक महत्वपूर्ण सैन्य इलाका है। यहां से पहले भी मिसाइल परीक्षण किए जाते रहे हैं। नॉर्थ कोरिया इन परीक्षणों के जरिए अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन करता है और अपनी हथियार प्रणाली की क्षमता को परखता है।
क्या होती हैं बैलिस्टिक मिसाइलें?
बैलिस्टिक मिसाइलें ऐसी मिसाइलें होती हैं, जो लॉन्च होने के बाद एक खास रास्ते पर आगे बढ़ती हैं और फिर अपने लक्ष्य की ओर जाती हैं। इनका इस्तेमाल कम दूरी से लेकर बहुत लंबी दूरी तक के लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है। इनकी मारक दूरी मिसाइल के प्रकार पर निर्भर करती है। कुछ बैलिस्टिक मिसाइलें क्षेत्रीय लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए बनाई जाती हैं, जबकि अन्य मिसाइलें हजारों किलोमीटर दूर तक पहुंच सकती हैं। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की रक्षा प्रणालियां ऐसी मिसाइलों की गतिविधियों पर नजर रखती हैं। हालांकि, बार-बार होने वाले परीक्षण क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती पैदा करते हैं।
साउथ कोरिया और जापान की क्या है चिंता
साउथ कोरिया ने कहा है कि उसकी सेना पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नजर रख रही है। अमेरिका और जापान के साथ जानकारी साझा करना इस बात का संकेत है कि तीनों देश अपनी सुरक्षा साझेदारी को मजबूत बनाए रखना चाहते हैं। जापान के लिए भी यह घटना चिंता का विषय है, क्योंकि मिसाइलें जापान सागर की ओर दागी गईं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मिसाइल जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र के बाहर गिरी। इस तरह के परीक्षणों से समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता पर असर पड़ सकता है।
संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के बावजूद जारी है मिसाइल कार्यक्रम
पिछले कुछ वर्षों में नॉर्थ कोरिया ने अपने मिसाइल कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ाया है। उसके कई मिसाइल परीक्षण संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के बावजूद किए गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, नॉर्थ कोरिया इन परीक्षणों के जरिए अपनी सैन्य क्षमता दिखाने, घरेलू स्तर पर अपनी ताकत का संदेश देने और दूसरे देशों के दबाव का जवाब देने की कोशिश करता है। फिलहाल, साउथ कोरिया, जापान और अमेरिका इस क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। नए मिसाइल परीक्षण के बाद आने वाले दिनों में क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

