वाशिंगटन: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा और विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका चाहे, तो वह “सिर्फ एक हमले” में ईरान के बचे हुए शीर्ष नेताओं को निशाना बना सकता है।
हालांकि, ट्रंप ने यह भी साफ किया कि अमेरिका ऐसा करने की योजना नहीं बना रहा है, क्योंकि वह ईरान के साथ बातचीत का रास्ता खुला रखना चाहता है। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “ईरान के सभी बड़े नेता एक ही जगह मौजूद हैं। एक हमला काफी होगा, लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि फिर बातचीत करने के लिए कोई नहीं बचेगा।”
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई अपने पिता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे। भारत में ईरान के प्रतिनिधि अयातुल्ला हकीम इलाही ने बताया कि लगातार इज़राइली धमकियों और सुरक्षा जोखिमों के कारण उनका सार्वजनिक रूप से सामने आना सुरक्षित नहीं माना जा रहा है।
ट्रंप ने अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों को रोते हुए देखने पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता था कि ईरान की जनता अली खामेनेई को पसंद नहीं करती थी। उन्होंने यह तक कह दिया कि “शायद ये आँसू भी नकली हों।”
ट्रंप के इस बयान पर आर्मेनिया में ईरान के दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। दूतावास ने कहा कि ट्रंप ईरान की संस्कृति और इतिहास को नहीं समझते। पोस्ट में लिखा गया, “आप इन बातों को नहीं समझ सकते, क्योंकि आपके पास न सभ्यता है, न इतिहास और न ही सम्मान।”
इससे पहले अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले भी ट्रंप ने ईरान पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान को बुरी तरह हरा दिया है और अब ईरान समझौता करना चाहता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ने अंतिम संस्कार के लिए एक हफ्ते तक कोई कार्रवाई नहीं की क्योंकि वह “अच्छा व्यवहार” दिखाना चाहता था।
अंतिम संस्कार शुरू होने से पहले ईरान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी अली अब्दुल्लाही ने अमेरिका और इजराइल को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी देश ने ईरान पर हमला करने की कोशिश की, तो उसकी सेना इसका कड़ा और तुरंत जवाब देगी। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने भी कहा कि देश अपनी जनता और नेतृत्व पर किसी भी खतरे को बर्दाश्त नहीं करेगा और हर हमले का मजबूती से जवाब दिया जाएगा।
अली खामेनेई की अंतिम यात्रा 3 जुलाई को राजधानी तेहरान से शुरू हुई। इसके बाद कार्यक्रम पवित्र शहर क़ोम और पड़ोसी देश इराक में भी आयोजित किए जाएंगे। राजकीय शोक समारोह 9 जुलाई तक चलेगा, जिसके बाद उन्हें उनके पैतृक शहर मशहद में दफनाया जाएगा।
इस बीच इजराइल के रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने भी विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को भी निशाना बनाया जा सकता है और उन्हें “मौत के लिए तैयार” रहना चाहिए।
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