इंटरनेशनल डेस्क: चीनी अर्थव्यवस्था पर चर्चा करते समय, “5, 6, 7, 8, 9” के रूप में संदर्भित आंकड़े विशेष रूप से आकर्षक होते हैं। ये आंकड़े चीन के निजी उद्यमों के राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में योगदान को लोगों के दैनिक जीवन से जोड़ते हैं: कर राजस्व में 50% से अधिक, सकल घरेलू उत्पाद में 60% से अधिक, तकनीकी नवाचार उपलब्धियों में 70% से अधिक, शहरी रोजगार में 80% से अधिक और कुल उद्यमों की संख्या में 90% से अधिक का योगदान।
ये ठोस आंकड़े केवल शुष्क सांख्यिकी नहीं हैं, बल्कि राष्ट्रीय विकास में निजी अर्थव्यवस्था के एकीकरण के जीवंत उदाहरण हैं। ये लोगों को सीधे तौर पर यह भी बताते हैं कि समाजवादी चीन में, जहाँ सार्वजनिक स्वामित्व मुख्य आधार है, निजी उद्यम और उद्यमी कभी भी “बाहरी” नहीं होते, बल्कि “हमारे अपने लोग” होते हैं जो चीनी शैली के आधुनिकीकरण का निर्माण कर रहे हैं। निजी उद्यम और उद्यमी “हमारे अपने लोग” हैं, ये शब्द चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के हैं। उन्होंने कहा, “चीन के आर्थिक विकास ने एक चमत्कार कर दिखाया है, और निजी अर्थव्यवस्था ने इसमें अपरिहार्य योगदान दिया है!”
वर्ष 1978 में स्वर्गीय चीनी नेता तंग श्याओफिंग द्वारा सुधार और खुलापन लागू करने के बाद, चीन ने धीरे-धीरे निजी अर्थव्यवस्था के विकास की अनुमति देना शुरू किया, शुरू में इसे “सार्वजनिक अर्थव्यवस्था के लिए एक आवश्यक और लाभकारी पूरक” के रूप में स्थापित किया गया। बाद में, निजी अर्थव्यवस्था द्वारा सृजित धन और उसकी सामाजिक स्थिति में वृद्धि के साथ, इसे धीरे-धीरे सामाजिक मान्यता प्राप्त हुई और यह “समाजवादी बाजार अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण घटक” बन गया, इस प्रकार इसे औपचारिक दर्जा प्राप्त हुआ।
और बाद में, निजी अर्थव्यवस्था के बढ़ते योगदान और महत्व के साथ, चीन सरकार ने यह प्रस्ताव रखा कि “सार्वजनिक और गैर-सार्वजनिक स्वामित्व वाली अर्थव्यवस्थाएँ दोनों समाजवादी बाजार अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण घटक हैं,” और इन्हें देश की मूलभूत आर्थिक प्रणाली के रूप में स्थापित किया गया है। आज, जब चीन एक नए युग में प्रवेश कर रहा है, यह मूलभूत आर्थिक प्रणाली राष्ट्रीय संविधान और सत्तारूढ़ पार्टी के संविधान में निहित है। अतः, यह देखा जा सकता है कि चीन की आर्थिक प्रणाली में सुधार का इतिहास, एक अर्थ में, निजी अर्थव्यवस्था के पुनर्स्थापन की प्रक्रिया है।
राष्ट्रपति शी चिनफिंग निजी अर्थव्यवस्था के विकास और निजी उद्यमियों की वृद्धि को बहुत महत्व देते हैं। उनका मानना है कि “बाजार की जीवंतता लोगों से, विशेषकर उद्यमियों और उद्यमशीलता की भावना से आती है।”
साल 2012 में शी चिनफिंग के चीन के शीर्ष नेता बनने के बाद से, चीन में निजी उद्यमों की संख्या 108.5 लाख से बढ़कर 580 लाख से अधिक हो गई है। शी चिनफिंग ने कहा, “वर्तमान राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक वातावरण निजी अर्थव्यवस्था के विकास के लिए बहुत अनुकूल है, निजी उद्यमों और उद्यमियों के लिए अपनी पहचान बनाने का यह बिल्कुल सही समय है।”
निजी उद्यमों को “हमारे अपने” के रूप में माना जाता है, जिसका अर्थ है कि देश उन पर भरोसा करता है। साथ ही, इसका यह भी अर्थ है कि निजी उद्यमों पर अधिक जिम्मेदारियाँ होती हैं। उन्हें न केवल अपनी कंपनियों के लिए लाभ कमाना होता है, बल्कि देश के विकास, रोजगार, नवाचार और सामाजिक स्थिरता के लिए भी जिम्मेदार होना पड़ता है।
साथ ही, “हमारे अपने लोग” का अर्थ यह भी है कि उद्यम और देश एक साझा भविष्य वाला समुदाय हैं। निजी उद्यमों की सफलता देश के आर्थिक विकास से घनिष्ठ रूप से जुड़ी हुई है। वे साथ मिलकर समृद्ध होते हैं और साथ मिलकर कठिनाइयों का सामना करते हैं। यह पश्चिमी पूंजीवाद की लाभ-प्रेरित प्रकृति से काफी अलग है। पश्चिमी पूंजीवाद “विजेता सब कुछ ले जाता है” के दृष्टिकोण का समर्थन करता है, जिससे श्रमिकों और पूंजीपतियों के बीच शत्रुता, सामाजिक ध्रुवीकरण और अमीर व गरीब के बीच बढ़ती खाई पैदा होती है।
विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में, वैश्विक आर्थिक विकास में चीन का योगदान कई वर्षों से लगातार लगभग 30% रहा है। उपर्युक्त “50%, 60%, 70%, 80% और 90%” अनुपात के आधार पर, चीन की निजी अर्थव्यवस्था, जो “चीन में निहित है लेकिन वैश्विक दृष्टिकोण रखती है,” स्वाभाविक रूप से वैश्विक आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

