पेशाव: पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक संदिग्ध ड्रोन हमले ने एक ही परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। उत्तरी वजीरिस्तान के मीर अली क्षेत्र में स्थित हुरमुज गांव में सोमवार को दिन के समय एक आवासीय घर पर हुए ड्रोन हमले में चार मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए।
यह हमला उस समय हुआ जब सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ जारी थी। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, ड्रोन से दागे गए बम ने घर को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया। धमाके की गूंज से पूरा इलाका दहल उठा और लोगों में भय व आक्रोश फैल गया।
-इलाके में मचा हड़कंप
घटना के बाद सैकड़ों स्थानीय नागरिक मीर अली चौक पर एकत्रित हुए और विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और हमले के दोषियों को सज़ा देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से यह भी अपील की कि ड्रोन हमलों और सैन्य अभियानों को रिहायशी इलाकों से दूर रखा जाए, ताकि निर्दोष लोगों की जानें सुरक्षित रह सकें।
-मंत्रियों ने की घटना की कड़ी निंदा
खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के राहत मंत्री हाजी नेक मुहम्मद दावर ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि आम नागरिकों, विशेष रूप से बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, “हम पहले ही विधानसभा में यह मुद्दा उठा चुके हैं कि किसी भी सैन्य कार्रवाई को रिहायशी इलाकों में अंजाम नहीं दिया जाना चाहिए। यह दुखद घटना हमारी चेतावनी की पुष्टि करती है।”
अब तक इस ड्रोन हमले की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है, लेकिन इसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिरकार किसकी लापरवाही ने इन मासूमों की जान ले ली। इस हमले ने एक बार फिर पाकिस्तान में ड्रोन अभियानों और उनकी जवाबदेही को लेकर बहस छेड़ दी है।
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